मृतका के बच्चों को मां का धड़ कमरे में मिला था। इससे घटना की जानकारी हुई थी। इस मामले में शांति देवी के पिता चोब सिंह ने थाना एत्माददौला में मुकदमा दर्ज कराया। इसमें पति नरेश, ससुर ठाकुरदास, सास मुन्नी देवी और देवर को नामजद किया। कोर्ट साक्ष्य के आधार पर नरेश को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
बेटे-बेटी की गवाही रही अहम
केस के विचारण के दौरान एडीजीसी देव सिंह सोलंकी और डीजीसी बसंत कुमार गुप्ता ने 13 गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए। मृतका शांति देवी की बेटी पायल और बेटे अंकित की गवाही अहम रही। उन्होंने पूरी घटना के बारे में बताया। इस पर कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाई।
भाई ने कहा, न्याय मिला
एत्मादपुर के मोहल्ला सत्ता में शांति देवी के पिता चोब सिंह और भाई चंद्रपाल रहते हैं। वहीं चारों बच्चे पायल, जया, अंकित और डिंपल बाबा के पास कछपुरा में रहते हैं। चंद्रपाल का कहना है कि नरेश ने बहन की हत्या की थी। अब न्याय मिला है। उधर, घटना ने मोहल्ले के लोगों को भी झकझोर दिया था। आरोपी पति नरेश सिर को हरीपर्वत चौराहे पर ले जाकर लोगों को दिखाना चाहता था।