आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में जेठानी की हत्या में अदालत ने दो देवरानियों को दोषी पाया। थाना क्षेत्र के सेमरी का ताल निवासी स्वाति पत्नी भोलू उर्फ लोकेंद्र और शिखा शर्मा पत्नी तारा चंद को अपर जिला जज-8 दिनेश तिवारी ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 11-11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
इसके बावजूद चाची शिखा, स्वाति और बाबा ने मां को पकड़ लिया। चाचा ने माचिस से मां के कपड़ों में आग लगा दी। वो पूरी तरह जल गईं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग आ गए। उन्हें देख आरोपी फरार हो गए। दादी ने गांव वालों की मदद से आग पर काबू पाया। इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान 15 जून 2016 को मां की मौत हो गई।
ताजगंज पुलिस ने मुकदमे की विवेचना कर चाचा लोकेंद्र उर्फ भोलू , चाची शिखा व स्वाति और बाबा मोहन सिंह के विरुद्ध हत्या एवं गालीगलौज की धारा में आरोपपत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। कोर्ट ने 9 मार्च 2017 को मुकदमे की कार्रवाई शुरू की। मामले में शिखा और स्वाति मुकदमे की पत्रावली अलग कोर्ट में और चाचा लोकेंद्र और बाबा मोहन सिंह की पत्रावली अलग कोर्ट में चल रही है।
मुकदमे के विचारण में साक्ष्य और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रदीप शर्मा के तर्क के आधार पर अपर जिला जज-8 दिनेश तिवारी ने सुषमा शर्मा की हत्या में देवरानी शिखा और स्वाति को दोषी पाया। आजीवन कारावास के साथ दोनों को 11-11 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।