आगरा। जिला पंचायत क्षेत्र में अब मिल, कारखाना, फैक्टरी व अन्य उद्योग धंधे संचालित करने के लिए एक लाख रुपये तक लाइसेंस शुल्क देना होगा। शुल्क निर्धारण के लिए उद्योगों को सूक्ष्म, लघु, मध्यम सहित चार श्रेणी में बांटा गया है। लाइसेंस शुल्क पहली बार लागू किया जा रहा है। 28 साल से सिर्फ दुकानों से ही लाइसेंस शुल्क लिया जा रहा था।
अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन चंचल कुमार तिवारी ने 2018 में 126 प्रकार के उद्योग-धंधों के लिए संशोधित लाइसेंस शुल्क लागू करने के आदेश दिए थे। सात साल से जिला पंचायत में इस आदेश को लागू करने की कवायद चल रही थी। इसके संबंध में कई बार जिला पंचायत ने आपत्तियां आमंत्रित की थी। कोई भी आपत्ति नहीं आई। ऐसे में अब इस प्रस्ताव को धरातल पर उतारने की तैयारी है।
16 जनवरी को जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में नई लाइसेंस शुल्क उपविधि को लागू करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। बोर्ड से पास होते ही यह लागू हो जाएगा। अपर मुख्य अधिकारी उमेश चंद्र ने बताया कि 1997 में ग्रामीण क्षेत्र में दुकान व अन्य व्यवसाय नियंत्रण उपविधि लागू हुई थी। 28 साल से इसके आधार पर ही लाइसेंस शुल्क लिया जा रहा था। इस उपविधि में अधिकतर दुकानदार थे। फिर चाहे वह गोश्त की दुकान हो या गल्ला, कपड़ा, पान-बीड़ी हो। मिल, कारखाना, फैक्टरी व अन्य उद्योगों से नए नियमों के तहत लाइसेंस शुल्क लिया जाएगा।
ये होगा नया व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क
व्यवसाय लाइसेंस शुल्क (वार्षिक)
- 25 लाख रुपये आय तक का सूक्ष्म एवं कुटीर उद्योग 1,000 से 5,000 रुपये।
- 25 लाख से पांच करोड़ रुपये आय तक का उद्योग 6,000 रुपये से 20,000 रुपये।
- पांच से 10 करोड़ रुपये आय तक का उद्योग 21,000 से 50,000 रुपये तक।
- 10 करोड़ रुपये से अधिक आय का उद्योग 51,000 से 1,00,000 रुपये तक।
कारखानों के लिए यह होगा शुल्क
- कागज कारखाना 30 टन क्षमता तक: 30,000 रुपये वार्षिक
- दुग्ध पदार्थ बनाने का कारखाना: 10,000 रुपये वार्षिक
- लोहे के पाइप का कारखाना: 50,000 रुपये वार्षिक
- रेडीमेड गारमेंट्स का कारखाना: 15,000 रुपये वार्षिक
- कोल्ड स्टोर: 15,000 रुपये वार्षिक
- हॉटमिक्स प्लांट: 10,000 रुपये वार्षिक
- आटा मिल: 10,000 रुपये वार्षिक
- माचिस बनाने का कारखाना: 10,000 रुपये वार्षिक
- पेय पदार्थ बनाने की फैक्टरी: 50,000 रुपये वार्षिक
- मिनरल वॉटर बनाने का आरओ प्लांट: 15,000 रुपये वार्षिक
- गैस बॉटलिंग प्लांट: 25,000 रुपये वार्षिक
- खाद्य प्रसंस्करण प्लांट: 1,00,000 रुपये वार्षिक
28 साल से दुकानों पर लागू शुल्क
- कपड़े की दुकान: 500 रुपये
- परचून की दुकान: 250 रुपये
- मेडिकल स्टोर: 500 रुपये
- सराफा दुकान: 1,000 रुपये
- होटल, ढाबा: 500 रुपये
- जूता, चप्पल की दुकान: 500 रुपये
- गोश्त की दुकान: 500 रुपये