आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर गुरुवार की सुबह नगला सेवाराम के पास तेंदुआ का शव मिला। तेंदुआ के शरीर के पिछले हिस्से में चोट के निशान थे।
संभावना जताई गई है कि किसी वाहन की चपेट में आने से तेंदुआ की मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग की टीम ने तेंदुआ के शव का अंतिम संस्कार किया।
बुधवार की रात कहीं से भटक कर आया तेंदुआ आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर आ गया। रात को वह किसी भारी वाहन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया।
टक्कर लगने के बाद वह गांव नगला सेवाराम के पास एक्सप्रेस-वे से नीचे जा गिरा। गुरुवार की सुबह जब ग्रामीण मार्ग से गुजरे तो तेंदुआ पड़ा देखा तो दहशत में आ गए।
कुछ ही देर में वहां तेंदुआ को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। राहगीर भी देखने के लिए रुक गए। सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस के साथ ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
ग्रामीणों के मुताबिक रात को टक्कर से घायल होने के बाद तेंदुआ काफी देर तक सड़क पर घिसटते हुए नीचे खेत में जा गिरा होगा। वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पोस्टमार्टम किया गया
पशु चिकित्साधिकारी की देखरेख में तेंदुआ का वन विभाग परिसर में पोस्टमार्टम कराया गया। वहीं लोगों में इस बात की चर्चा भी रही कि आखिर तेंदुआ वहां कैसे पहुंचा, जबकि पहले कभी यहां तेंदुआ नजर नहीं आया है।
सीएफओ सिद्धार्थ अंबेडकर ने बताया कि तेंदुआ कहीं से भटक कर क्षेत्र में आ गया होगा। किसी वाहन की चपेट में आने से उसकी मौत हुई है। हो सकता है कि चंबल के किसी इलाके से भटक कर आया हो।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी योगेश सारस्वत के मुताबिक शरीर में एक ही स्थान पर चोट लगी हुई थी। चोट लगने के बाद अत्याधिक रक्त बह जाने के कारण ही तेंदुआ की मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद जलाकर शव का अंतिम संस्कार किया गया है।