फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: सिंगापुर से सीखें, वहां 4 मिनट में कैसे मिल गया इलाज, यहां तड़पती रही फ्रांस की आस्मा; ये बोले आगरा के लोग

Sat, 23 Sep 2023 10:13 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा से विदेश घूमने जा चुके लोगों ने बताया कि विदेशों में चंद मिनटों में मेडिकल सुविधाएं मिलती हैं। सिंगापुर में एक भारतीय के साथ कुछ ऐसा ही हुआ था, वहां इलाज के लिए जिस तरह तत्परता दिखाई गई, वैसी यहां भी दिखाई जाती तो आस्मा की जान बच सकती थी। 
विज्ञापन
मदद के लिए चिल्लाता रहा पति - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में एक तरफ सीकरी में तुर्की सुल्ताना के महल के पास फ्रांस की पर्यटक के गिरने पर एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची और पर्यटक की मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर सिंगापुर के सेंटोसा आईलैंड पर आगरा की पर्यटक के गिरने पर महज चार मिनट के अंदर डॉक्टर के साथ एंबुलेंस की सेवाएं उपलब्ध हो गई थीं। आगरा के पर्यटन से जुड़े उद्यमियों का मानना है कि यूनेस्को की विश्व धरोहर में शुमार ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी स्मारक पर डाॅक्टर के साथ एंबुलेंस तैनात की जाए और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाएं विकसित की जाएं।

विज्ञापन


सुविधाएं न के बराबर
 टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा के अध्यक्ष राजीव सक्सेना ने बताया कि 'हमारे पास यूनेस्को के 3 वर्ल्ड हेरिटेज स्मारक हैं, लेकिन पर्यटन सुविधाएं न के बराबर हैं। मेरी बेटी सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप पर घूमते हुए गिर गई तो महज चार मिनट में ही एंबुलेंस और डॉक्टर आ गए। यहां ताज, किला और सीकरी पर यह सुविधा क्यों नहीं हो सकतीं, जबकि उन्हीं पर्यटकों से पथकर वसूल रहे हैं।'

ये भी पढ़ें - फ्रांसीसी महिला पर्यटक की मौत: कागजी खानापूर्ति में उलझे बेन, बोले-जल्दी करें, बच्चों से आखिरी बार मिलवा दूं
विज्ञापन

 

डॉक्टर तैनात करने में क्या दिक्क्कत
फेडरेशन ऑफ ट्रेवल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव तिवारी ने बताया कि 'फ्रांस, स्पेन, इटली और पूरे यूरोपीय देशों में किसी भी पर्यटन स्थल पर दुर्घटना में महज पांच मिनट में एंबुलेंस मिलती है। हमारे कई मित्रों ने इन सेवाओं का उपयोग किया है। यहां डॉक्टर तैनात करने में क्या दिक्कत है।'

चिकित्सक की तैनाती की मांग
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल ने बताया कि 'ताजमहल की तर्ज पर पांचों मुख्य स्मारकों पर एंबुलेंस के साथ चिकित्सक की तैनाती की मांग की है, लेकिन पथकर में करोड़ों रुपये मिलने पर भी एंबुलेंस जैसी बुनियादी जरूरत उपलब्ध नहीं कराई गई।'

ये भी पढ़ें - फ्रांसीसी पर्यटक की मौत: सिर में फ्रेक्चर और 8 सेंटीमीटर का घाव, ऐसे गई अस्मा की जान; जानें कब क्या हुआ

32 करोड़ रुपये पथकर मिला, एंबुलेंस नहीं खरीद सके
आगरा विकास प्राधिकरण को बीते साल आगरा आए पर्यटकों द्वारा स्मारकों का टिकट खरीदने पर पथकर के रूप में 32.64 करोड़ रुपये मिले, लेकिन एंबुलेंस नहीं खरीदी गई। दस साल पहले ताजमहल पर पथकर निधि से एंबुलेंस की खरीद की गई थी, लेकिन अब यह भी कबाड़ा हो गई। ताज महल के मुख्य गुंबद से पर्यटकों के गिरने की घटनाओं के दौरान ताज पूर्वी गेट के लेबर गेट पर यह एंबुलेंस तैनात थी। टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा ने बीते माह आगरा आए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह से मांग की थी कि आगरा किला, फतेहपुर सीकरी, सिकंदरा और एत्मादउद्दौला स्मारक पर भी एंबुलेंस और एक चिकित्सक तैनात किया जा सके जो प्राथमिक चिकित्सा दे सके।

ये भी पढ़ें - UP: संस्कृति मंत्रालय तक पहुंचा फ्रांसीसी पर्यटक की मौत का मामला, जांच टीम हुई गठित; पता लगाएंगे हादसे का कारण
विज्ञापन

अफसरों के लिए खरीदीं कार
ताजमहल, आगरा किला समेत स्मारकों पर आ रहे सैलानियों से आगरा विकास प्राधिकरण पथकर वसूलता है, लेकिन यह पथकर पर्यटन सुविधाओं की जगह अफसरों के ऑफिसों की साज सज्जा, एसी, कंप्यूटर प्रिंटर, कार आदि खरीदने में ज्यादा खर्च हो रहा है। पथकर सलाहकार समिति की बैठकों में अधिकारियों के लिए कारें खरीदी गईं। पथकर सलाहकार समिति के गैर सरकारी सदस्य राकेश चौहान का कहना है कि अधिकारी पथकर निधि से अपनी सुविधाओं के काम कराते हैं। पर्यटकों की जरूरत के प्रस्तावों को गौर भी नहीं करते। गैर सरकारी सदस्यों की आपत्तियों को भी नहीं सुन रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें