दीपावली पर लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इससे ही घर में धन-धान्य की बरसात होती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार दीपावली पर हर वर्ग के लिए पूजन का विशेष समय निर्धारित है। ऐसे में इसी समय पूजन लाभ देने वाला होगा।
स्कंद पुराण में बताया गया है कि कार्तिक अमावस्या के दिन प्रात: काल स्नान कर सभी देवताओं की पूजा करनी चाहिए। संभव हो तो दिन में भोजन नहीं करना चाहिए। घर में शाम के समय श्रीमहालक्ष्मी गणेश जी सहित अन्य देवताओं की मूर्तियों को एक चौकी पर स्वास्तिक बनाकर चावल के दानों पर स्थापित करें।
मूर्तियों के सामने एक जल से भरा हुआ कलश रखना चाहिए इसके बाद मूर्तियों के सामने हाथ में जल लेकर शुद्धि मंत्र बोले मूर्ति और परिवार पर उस जल के छीट मारें। पूजा में फल, फूल, चंदन, घी, पंचामृत, मेवे, खील, बताशे सहित 11 दीपक जलाएं।
इस समय करें लक्ष्मीजी की पूजा
लक्ष्मी पूजन
ज्योतिष आचार्य पंडित अजय तैलंग ने बताया सभी वर्गों के लिए पूजा का श्रेष्ठ समय होता है। श्रीजी पीठ से कपिल बाबा ने बताया इस दिव नक्षत्रों का संयोग इसे मंगलमय बना रहा है। दिवाली के दिन प्रदोषकाल में माता लक्ष्मी जी की पूजा होती है। मान्यता है कि इस समय लक्ष्मी जी की पूजा करने से दरिद्रता का सामना नहीं करना पड़ता है।
जानिए हर वर्ग के लिए शुभ मुहूर्त
दिवाली विशेष
- लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शाम 5.30 से 8.30 बजे तक।
- महानिशा काल पूजा मुहूर्त रात 11.40 से रात 12.31
- सोने चांदी वाले व्यापारी शाम 7.30 से 8.30 बजे तक पूजन करें।
- चिकित्सक सुबह 11 से 12.30 बजे तक
- वकालात के पेशे से जुड़े लोग शाम छह से 7.30 बजे तक
- सरकारी अधिकारी कर्मचारी शाम 6.30 से 7.30 बजे तक।
- पुलिस वर्ग प्रशासन के लोग शाम 4.29 से 9.21 तक
- कारखाना, उद्योगपति दोपहर 10.46 से 3.03 मिनट तक