जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि भूमि का फैसला जिसके पक्ष में होगा, वह न्यायालय से अनुतोष प्राप्त कर सकता है। भूमि खरीद का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। एक सप्ताह में स्वीकृति मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण शुरू हो जाएगा। इधर, कोठी मीना बाजार मैदान की 30 बीघा भूमि का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। हालांकि इस भूमि पर पिछले 70 साल से सरकार का कब्जा है। प्रशासन इसे निष्क्रांत संपत्ति मानते हुए सरकार की बताता है।
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जबकि, सिविल कोर्ट ने इस मामले में एक पक्ष के हक में फैसला सुनाया था। जिसके विरुद्ध प्रशासन ने हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। उधर, मैदान के बराबर में टीला पर राजा जयकिशन दास की कोठी है। कोठी के सामने करीब एक बीघा जमीन है। कोठी और उसके सामने की जमीन पर शिवाजी स्मारक प्रस्तावित है।