फर्जी दस्तावेजों की मदद से मथुरा की एक कंपनी की जमीन पर कब्जा कर लिया गया। यहां प्लॉटिंग करने के बाद प्लॉट बेचे जा रहे थे। इस मामले का विरोध करने पर आरोपियों द्वारा फायरिंग कर दी गई। इसके बाद प्रकरण में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
मथुरा में एक निजी कंपनी की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। मामले में कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी, हत्या का प्रयास, जान से मारने की धमकी सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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अजमेर रोड, बालूगंज निवासी लाखन सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया है। मथुरा निवासी सुरेश अग्रवाल, नरेश अग्रवाल, राम अग्रवाल, विजय शर्मा और 3-4 अज्ञात आरोपी बनाए हैं। लाखन सिंह ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कहा कि वह चाहत गारमेंट प्राइवेट लिमिटेड में सुपरवाइजर/केयरटेकर के पद पर कार्यरत थे। कंपनी की संपत्ति मथुरा के जैत में आगरा-दिल्ली हाईवे पर है। इस पर चाहत गारमेंट का ऑफिस बनाया गया है।
आरोपियों ने जमीन पर प्लॉट बिकाऊ का बोर्ड लगा दिया। 19 अगस्त 2023 को वह अपने चालक राकेश के साथ जमीन पर पहुंचे तो पता चला। बोर्ड हटाने की कोशिश की तो आरोपी आ गए। धमकाने लगे। जमीन अपनी बताने लगे। जमीन पर आगे के प्लाॅट बेच दिए गए थे।
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20 अगस्त को वह मथुरा जा रहे थे। आरोपियों ने सिकंदरा सब्जी मंडी के पुल से उतरते गाड़ी को रोककर धमकाया। भाजपा नेताओं का हाथ होने का रौब भी दिखाया। चालक को पीटा। फायरिंग कर जान से मारने का प्रयास किया। पुलिस से शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इस पर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया।
थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक नीरज शर्मा ने बताया कि मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है। सभी बिंदुओं पर जांच कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।