महापर्व पर्यूषण शुरू हो गया है। जैन धर्मालंबियों का यह सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। 10 दिन तक भक्ति के साथ लोग आत्मसाधना में लीन रहेंगे। फिरोजाबाद के प्रमुख मंदिरों में पूजा पाठ के साथ साथ प्रवचन, जलधारा आदि कार्यक्रम होंगे। इस महापर्व के साथ अमर उजाला ने सोमवार से अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत प्रतिदिन आपको शहर के प्रमुख जैन मंदिरों से रूबरू कराएंगे।
सदर बाजार के निकट स्थित चंद्रप्रभु जैन मंदिर हजारों लोगों की आस्था का केंद्र है। इस मंदिर में स्थापित भगवान चंद्रप्रभु की स्फटिक मणि की प्रतिमा से कई चमत्कार और किदवंतियां जुड़ी हुई हैं। फिरोजाबाद बसने से पूर्व चंद्रवाड मुख्य शहर हुआ करता था। यहां के राजा चंद्रसेन जैन धर्म को मानते थे। उन्होंने चंद्रवाड़ में 51 पंच कल्याणक प्रतिष्ठाएं कराई थीं।
14वीं सदी में मुगल मोहम्मद गौरी की सेना जब चंद्रवाड पर हमला करते हुए मंदिरों को तहस-नहस करने लगी, तब भगवान चंद्रप्रभु की प्रतिमा को राजा चंद्रसेन ने यमुना में प्रवाहित करा दिया था। चंद्रप्रभु मंदिर का निर्माण करीब तीन सौ साल पूर्व हुआ था। एक माली का स्वप्न आया कि यमुना बीच पानी में भगवान की प्रतिमा है। यही अद्भुत प्रतिमा इस मंदिर में स्थापित है।