फिरोजाबाद के थाना बसई मोहम्मदपुर क्षेत्र के गांव अंते की मढ़ैइया में बृहस्पतिवार देर रात एक ही परिवार के सात लोग फूड प्वाइजनिंग से बीमार हो गए। सभी ने बासी आटे से बनी रोटियां खाई थीं, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। सभी को सरकारी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। पीड़ित परिवार के सदस्यों में प्रदीप (20), सत्यदेव (55), सूरज (24), नीरो देवी (55), कृष्णा किशोर (15), भारती (10) और नेहा (03) शामिल हैं।
परिजनों ने बताया कि सुबह आटा गूंथकर रख दिया गया था और शाम को उसी आटे से रोटियां बनाई गईं। भोजन करने के कुछ समय बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार के सदस्यों को उल्टी-दस्त और चक्कर आने लगे। हालत गंभीर होने पर सरकारी ट्रॉमा सेंटर भर्ती हुए। चिकित्सक के अनुसार आटा बासी होने के कारण उसमें हानिकारक बैक्टीरिया विकसित हो गए, जिससे फूड प्वाइजनिंग की स्थिति बनी है। सभी की हालत में सुधार है।
गर्मियों में फूड प्वाइजनिंग के मरीज बढ़े, पेट संबंधी मर्ज लेकर पहुंच रहे अस्पताल
उमस वाली गर्मी में लोग फूड प्वाइजनिंग से बीमार हो रहे हैं। पेट संबंधी समस्या लेकर हर रोज सरकारी अस्पतालों में 200 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। डायरिया और गेस्ट्रोइंटाइटिस के बाद लिवर और गुर्दों को नुकसान हो रहा है। डायरिया से बीमार होने वालों में बच्चों की संख्या अधिक है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि अस्पतालों की ओपीडी में आने मरीजों में से करीब 30 फीसदी मरीज पेट की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। फास्ट फूड और बाहर खाना खाने वालों के साथ समस्या ज्यादा है।
हो रहा आंतों में संक्रमण
इन रोगियों की आंतों में संक्रमण हो रहा है और डायरिया, खूनी डीसेंटरी व गेस्ट्रोइंटाइटिस की वजह से शरीर में पानी और नमक की कमी हो रही है। प्राइवेट अस्पतालों की इमरजेंसी में ऐसे 20-30 मरीज रोज भर्ती हो रहे हैं। डायरिया के बाद लिवर और किडनी में सूजन की समस्या बढ़ी है। इसके अलावा नाक और गले का संक्रमण अभी भी मरीजों को सता रहा है।
ऐसे करें बचाव
- दो तीन घंटे बाहर रहना हो तो पानी साथ ले जाएं।
- पानी खूब पिएं, शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- बासी खाना न खाएं, ताजा और सादा भोजन करें।
- पैक्ड खाना न लें, खुले बिक रहे खाद्य पदार्थ से बचें।