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आगरा: हाईकोर्ट के आदेश पर हुई जांच में खुली हकीकत, किरावली में नौ तालाबों पर बने 46 पक्के मकान

Fri, 17 Sep 2021 10:52 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

जिले की छह तहसीलों में राजस्व रिकॉर्ड में 3700 तालाब दर्ज हैं। जिनमें 139 में अवैध कब्जे हैं। कब्जों की यथा स्थिति के लिए प्रशासन ने कोई नया सर्वे नहीं कराया है।
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आगरा: तालाब की जमीन पर पड़ा कूड़ा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा जनपद के किरावली तहसील में सात गांव के नौ तालाबों पर 46 पक्के अवैध मकान बन गए। राजस्वकर्मियों की लापरवाही से यहां अवैध कब्जे हो गए। हाईकोर्ट के आदेश पर जांच हुई तो हकीकत सामने आई। सबसे ज्यादा अंधेरगर्दी कोरोना संक्रमण के समय रही। 2020-21 में 30 मकान मालिकों के विरुद्ध एफआईआर कराई गई है, जबकि 16 मुकदमे 2019 में दर्ज हुए थे।

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हाईकोर्ट के आदेश पर आगरा में तालाबों पर हुए कब्जों की निगरानी हो रही है। किरावली क्षेत्र में 520 से अधिक तालाब हैं। जिनमें 10 पर अवैध कब्जे हैं। इनमें नौ तालाब ऐसे हैं जहां दबंगों ने किनारों को पाटकर 46 पक्के मकान खड़े कर दिए हैं। यह जानकारी जन सूचना अधिकार के तहत तहसीलदार द्वारा भेजी गई रिपोर्ट से हुई है। 
दिलचस्प बात ये है कि 30 कब्जेदारों के विरुद्ध हाईकोर्ट के आदेश के बाद एफआईआर दर्ज की गई है। उससे पहले तहसीलकर्मियों को भनक तक नहीं लगी। बीडीओ से लेकर प्रधान, सचिव, लेखपाल तक बेखबर रहे। जबकि तालाब भूमि पर अवैध निर्माण व कब्जों का ‘खेल’ वर्षों से चल रहा है। वहीं दूसरी ओर सदर तहसील क्षेत्र में 52 तालाबों पर अवैध निर्माण व कब्जेदारों के विरुद्ध 71 मुकदमे लंबित हैं। ये हश्र तब है जब डीएम प्रभु एन सिंह ने तालाबों को पुराने स्वरूप में लौटाने के लिए जनवरी 2020 में एडीएम वित्त की अध्यक्षता में मॉनीटरिंग कमेटी बनाई है। कमेटी बनने के बाद तालाबों पर पक्के निर्माण ध्वस्त नहीं हो सके हैं। 

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2800 तालाबों की सफाई न खोदाई
जिले की छह तहसीलों में राजस्व रिकॉर्ड में 3700 तालाब दर्ज हैं। जिनमें 139 में अवैध कब्जे हैं। कब्जों की यथा स्थिति के लिए प्रशासन ने कोई नया सर्वे नहीं कराया है। इधर, मानसून से पहले जिले में मनरेगा के तहत 900 तालाबों की खोदाई का दावा विकास विभाग ने किया है। मानसून विदाई ले रहा है लेकिन 15 ब्लॉक में 28 तालाब ऐसे हैं जिनकी इस साल सफाई हो सकी, न खोदाई। 

शहर में 46 तालाबों पर हुए कब्जे
एक ओर खेरागढ़, एत्मादपुर, बाह और फतेहाबाद में तालाबों पर कब्जे करने वालों के विरुद्ध प्रशासन का रवैया लचर है, दूसरी तरफ शहर में 46 तालाबों पर कब्जे हैं। नगर आयुक्त निखिल टीकाराम फुंडे ने जुलाई माह में कब्जे हटाने के निर्देश दिए थे, परंतु नतीजा शून्य रहा। ककरैठा, बाईंपुर, मधु नगर, रामबाग सहित कई जगह तालाबों की जगह डलाबघर बन गए हैं। जहां आस-पास क्षेत्रों से कूड़ा-कचरा डंप हो रहा है।

आदेश के बाद दर्ज कराए हैं मुकदमे
पक्के निर्माण करने वालों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए हैं। न्यायिक प्रक्रिया के बाद उन्हें बेदखल किया जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद एफआईआर दर्ज कराई हैं, चिह्नित पहले ही किया जा चुके थे। - योगेंद्र कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व



 
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सूखे तालाबों की कराई खोदाई
900 तालाबों की खोदाई कराई है। इतने तालाब ही सूखे मिले थे। बाकी तालाबों में पानी है। जिसके कारण उनकी खोदाई व सफाई नहीं हो सकी है। तालाब किनारे कूड़ा-कचरा डालने पर कार्रवाई की जाएगी। - ए मनिकन्डन, मुख्य विकास अधिकारी

लचर है प्रशासन का रवैया
तालाब, पोखर व प्राकृतिक जलस्त्रोतों के संरक्षण के लिए हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं। डीएम ने कमेटी बनाई। एक साल में कमेटी ने कोई कार्रवाई नहीं की। प्रशासन के लचर रवैये के कारण तालाबों पर कब्जे हो रहे हैं। - एडवोकेट सुरेश चंद सोनी, याचिकाकर्ता


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