15 दिसंबर की रात 9 बजकर 31 मिनट पर सूर्य वृश्चिक राशि से धनु राशि में प्रवेश करेंगे। एक माह तक इसी राशि में रहेंगे। दिसंबर के उत्तरार्द्ध और जनवरी के पूर्वार्द्ध का यह कालखंड खरमास कहलाता है। इस अवधि में शुभ कार्यों को नहीं करने की मान्यता है।
ज्योतिषाचार्य अरविंद मिश्र के अनुसार मंगलवार की रात 9:31 बजे सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करते ही खरमास लग जाएगा, जो 13 जनवरी पूर्णिमा तक प्रभावी रहेगा। बृहस्पति की राशि धनु या मीन में सूर्य के चरण पड़ते हैं तो जीव और जीवन के लिए उत्तम नहीं माना जाता।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार धनु बृहस्पति की आग्नेय राशि है। इस राशि में सूर्य विचित्र, अप्रिय और अप्रत्याशित परिणाम देते हैं। खरमास की यह स्थिति 14 जनवरी सुबह 8:13 बजे तब बदलेगी, जब सूर्य मकर राशि में आ जाएंगे।
यह है मान्यता
ज्योतिषाचार्य अरविंद मिश्र के अनुसार मान्यता है कि खरमास में सूर्य के रथ के साथ दो नाग महापद्यम और कर्कोटक, दो राक्षस आप और वात, दो यक्ष तार्क्ष्य और अरिष्टनेमि चलते हैं। सूर्य अकेले ही सात ग्रहों के दुष्प्रभावों को नष्ट करने की सामर्थ्य रखते हैं, मगर दक्षिणायन होने पर उनके आंतरिक बल में कमी आ जाती है। इसलिए जीवों को दैहिक, दैविक और भौतिक कष्ट मिलते हैं। इनसे मुक्ति के लिए खरमास में सूर्य की उपासना की जाती है।
किस राशि पर क्या असर
मेष-भाग्य भाव में सूर्य के आने से कांति कम होगी और कामों में अवरोध।
वृष- अष्टम भाव में सूर्य कष्ट एवं पीड़ा देगा।
मिथुन- प्रवास का अवसर मिलेगा।
कर्क-शत्रुओं का नाश और कर्ज से मुक्ति।
सिंह-दरिद्रता आएगी।
कन्या- मन व्यसन में लगेगा। तुला-व्यापार में उन्नति।
वृश्चिक- अज्ञात भय।
मकर- व्यर्थ की भागदौड़, कुंभ- पद प्रतिष्ठा में वृद्धि और धनलाभ।
मीन- इच्छित फल की प्राप्ति।