फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नई पहल: आगरा में सड़ी-गली सब्जियों से बनेगी खाद, मंडी भी होगी साफ-स्वच्छ

Tue, 15 Dec 2020 12:17 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • सिकंदरा सब्जी मंडी में लगाई जाएगी हर दिन 5 टन खाद बनाने की मशीन
  • राजनगर में लगा है निगम का फूलों से एक टन खाद बनाने का प्लांट
विज्ञापन
सड़ी-गली सब्जियों से बनेगी खाद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा की सिकंदरा सब्जी मंडी में सड़ी-गली सब्जियों से खाद बनाई जाएगी। नगर निगम यहां कंपोस्ट खाद बनाने की मशीन लगा रहा है। इस मशीन से हर दिन सड़ी-गली सब्जियों और फलों से पांच टन खाद बनाई जाएगी। मंडी में बची हुई सब्जियों को फेंकने से गंदगी रहती है। आवारा पशु भी जगह-जगह बिखरी सब्जियों और फलों के कारण पहुंचते हैं। खाद बनाने के प्लांट से न केवल सफाई होगी, बल्कि सब्जी मंडी में आने वाले किसानों और आढ़तियों के सामने आवारा पशुओं का आतंक भी नहीं होगा।

विज्ञापन


नगर निगम ने गेल इंडिया के सीएसआर फंड से मिली धनराशि से लोहामंडी के राजनगर में खाद बनाने का प्लांट लगाया है। यहां फूलों से खाद बनाई जाती है। लेकिन लॉकडाउन में फूल न मिलने से अब सड़ी-गली सब्जियों और फलों से खाद बनाई जा रही है। 


नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने बताया कि राजनगर में एक-एक टन की दो यूनिट लगी हैं, जिनमें से एक टन खाद रोज बनाई जा रही है। पांच टन की मशीन निगम के पास रखी है, इसी को सिकंदरा सब्जी मंडी में लगाया जाएगा। केवल दो कर्मचारियों की मदद से कंपोस्ट खाद बनाने का प्लांट संचालित होता रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

कुबेरपुर प्लांट से 1500 मीट्रिक टन खाद बेच चुका निगम

गीले कचरे से खाद बनाने का प्लांट नगर निगम ने कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर लगाया है। अब तक यहां से 1500 मीट्रिक टन खाद नगर निगम बेच चुका है। कृभको को 1500 मीट्रिक टन खाद की आपूर्ति की जा चुकी है। पहले एक हजार मीट्रिक टन का आर्डर आया था। उसके बाद फिर 500 मीट्रिक टन का आर्डर मिला। नगर निगम के पास गीले कूड़े से खाद बनाने के लिए कुबेरपुर, राजनगर, आईएसबीटी और धांधूपुरा में प्लांट लगाए गए हैं, इनकी कुल क्षमता 300 टन है। 

प्लांट तक सब्जियां लाने की लागत बचेगी

नगर आयुक्त ने बताया कि सिकंदरा सब्जी मंडी में सड़े-गले फल और सब्जियों को किसी और जगह ले जाना मुश्किल भरा है। इसलिए तय किया गया कि यहीं पर कंपोस्ट खाद बनाने का प्लांट लगाया जाए। इससे प्लांट तक सब्जियों को लाने की लागत बचेगी और मंडी में बिखरी गंदगी भी नहीं होगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें