रेल कर्मियों के भड़कने की जानकारी होने पर रेल यातायात रोक दिया गया। इस दौरान 9.35 से 10.45 बजे तक रूट बाधित रहा। ताज एक्सप्रेस रुनकता स्टेशन पर खड़ी रही। अन्य गाड़ियां भी मथुरा में रुकी रहीं। एडीआरएम डीके सिंह, मंडल रेल प्रबंधक डा. संचित समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद रूट पर यातायात सुचारु हो सका।
परिजनों से मिले रेल अधिकारी
रेल कर्मियों में चर्चा थी कि मृतक की जेब से रेल मंत्री समेत कई अधिकारियों को लिखे पत्र मिले हैं। ओमप्रकाश यहां से ट्रांसफर करवाना चाहता था, लेकिन
अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की। इसको लेकर भी परेशान रहता था। हादसे के बाद रेल अधिकारी मृतक के परिवारीजनों से भी मिले।
डीसीएम डॉ. संचित ने बताया कि मृतक के परिवारीजनों को 50 हजार की त्वरित मदद दी गई है। इसके अलावा रेलवे के नियमों के मुताबिक भी आर्थिक मदद और मुआवजा दिया जाएगा।