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नोडल केंद्रों पर रखी गई नजर, परीक्षा केंद्र अभी भी ओझल

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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रश्नपत्र आउट होने के बाद नोडल केंद्रों पर सख्ती बढ़ा दी है। मंगलवार की परीक्षा के दौरान नोडल केंद्रों पर पर्यवेक्षक भेजे गए, उनकी निगरानी में प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों पर भेजवाए गए। प्रयास किया गया कि परीक्षा केंद्रों पर 30 मिनट से पूर्व प्रश्नपत्र उपलब्ध न हो। वहीं, एक चौथाई से भी कम परीक्षा केंद्रों की परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से नोडल केंद्र निगरानी कर पा रहे हैं, नोडल केंद्रों की नजरों से ओझल हैं। वह सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से कंट्रोल रूम से या तो जुड़े नहीं हैं, जुड़े भी हैं, तो कैमरे ऑफ हो जाते हैं।
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मंगलवार को आगरा मंडल के 227 केंद्रों पर पहली पाली में परीक्षा थी। 68 केंद्र सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से कंट्रोल रूम से जुड़े थे। मंडल में 149 केंद्रों ने ही गूगल फॉर्म के माध्यम से डाटा नोडल केंद्र को दिया है। इसमें से 76 केंद्र कंट्रोल रूम से जुड़ रहे हैं और 73 जुड़ नहीं रहे हैं। अलीगढ़ मंडल में तीसरी पाली की परीक्षा के दौरान 108 केंद्रों पर परीक्षा थी। इसमें से 70 डीवीआर के माध्यम से कंट्रोल रूम से जुड़े नहीं थे, इन्होंने डाटा नहीं दिया है। जो केंद्र कंट्रोल रूम से जुड़े हैं, उनमें से 11 केंद्र ऑनलाइन दिख रहे थे। बाकी ऑफलाइन थे या फिर कोई और समस्या। दूसरी पाली की परीक्षा में 13 केंद्र ऑनलाइन दिखे।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की ओर नोडल केंद्रों पर राजकीय व एडेड कॉलेजों के वरिष्ठ शिक्षकों को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया। पर्यवेक्षक पहुंचे भी पर कुछ जगहों से शिकायत मिली, सभी पाली की परीक्षा में इनकी उपस्थिति नहीं रही। जबकि पर्यवेक्षक को पहली से तीसरी पाली तक के प्रश्नपत्र अपने सामने खुलवाना और उनकी सील की जांच करनी है।
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- नोडल केंद्र से रवाना होने से पहले टैक्सी का नंबर नोट किया गया। उसके साथ भेजे गए शिक्षक का मोबाइल नंबर लेकर परीक्षा केंद्र पर पहुंचने का समय पूछा गया। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र 30 मिनट से पहले नहीं पहुंचे।
- कुलपति के आदेश पर विश्वविद्यालय स्तर पर गठित वरिष्ठ शिक्षकों की टीमें जिलावार नोडल केंद्रों से संपर्क कर प्रश्नपत्र वितरण का रूट प्लान गूगल फॉर्म के माध्यम से भरवा रहे हैं। परीक्षा केंद्र को प्रश्नपत्र वितरण की वीडियो क्लिप भी गूगल लिंक पर अपलोड कराई जा रही है।
- संवेदनशील नोडल केंद्रों पर जीपीएस युक्त टैक्सी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे प्रश्नपत्र की लोकेशन की जानकारी विश्वविद्यालय को मिलती रहे।
- परीक्षा केंद्र पर केंद्राध्यक्ष के पास ही मोबाइल रहेगा। बाकी स्टाफ के लिए मोबाइल प्रतिबंधित कर दिया गया है।
आगरा। विश्वविद्यालय के पीआरओ प्रो. प्रदीप श्रीधर के मुताबिक 32 में से करीब 16 नोडल केंद्रों पर रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) लॉक लगवा दिए गए हैं। बचे केंद्रों पर बुधवार तक लग जाएंगे। कुछ नोडल केंद्रों पर कॉपियों और प्रश्नपत्र एक साथ रखे हैं, इन्हें अलग-अलग रखवाने के लिए कहा गया है।
प्रभारी कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने मंगलवार शाम को आठ बजे से परीक्षा की पारदर्शिता के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की। कुछ नोडल प्रभारियों ने कहा कि उनके साथ जुड़े हुए कुछ परीक्षा केंद्र अधिक दूरी पर हैं, उनको प्रश्नपत्र पहले भेजना पड़ता है। डीन एकेडमिक प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि दो से तीन दिन में अधिक दूरी वाले परीक्षा केंद्रों को नए नोडल केंद्रों से संबद्ध कर दिया जाएगा। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा, कुलसचिव प्रो. यूसी शर्मा, प्रो. संजीव कुमार, प्रो. वीके सारस्वत, प्रो. मनु प्रताप सिंह और सभी सहायक कुलसचिव उपस्थित रहे। प्रो. वीके सारस्वत ने कहा कि आरएफआईडी लॉक लगाने में एक-दो जगह समस्या आ रही है। बुधवार शाम तक सभी जगहों पर लॉक लग जाएंगे।
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