छावनी एरिया से सटे कई गांवों और कालोनियों में जल निकासी और रास्ता बंद करने की समस्या के समाधान का खाका तैयार हो गया है। केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने सीओडी के कमांडेंट और संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की। वार्ता में तय हुआ कि नाला निर्माण नहीं होने तक सैन्य प्रशासन जल निकासी को नहीं रोकेगा। इसके साथ ही ग्वालियर हाइवे से चावली की सड़क का रखरखाव सैन्य प्रशासन करेगा, लेकिन इस सड़क को आम लोगों के लिए बंद नहीं किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री के हस्तक्षेप के बाद कई दिन से चल रहा धरना भी स्थगित हो गया।
बता दें, छावनी एरिया से सटे चावली, नगला लालजीत, ताल फिरोज खां, नैनाना ब्राह्मण, नगला अफोय, सैनिकपुरम, हस्तिनापुरी समेत कई इलाकों में सीओडी ने फेंसिंग कराकर रास्ते बंद कर दिए हैं। सीओडी के सामने बने श्मशान पर भी फेंसिंग कर दी गई है। कई लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र के लोगों की जल निकासी बंद कर दिए जाने से जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। इसको लेकर क्षेत्रीय लोग आंदोलित थे। बुधवार की सुबह केंद्रीय मंत्री डा. रामशंकर कठेरिया चावली पहुंचे। उन्होंने लोगों से समस्या की पूरी जानकारी ली। इसके बाद मंत्री ने 11 सदस्यीय संघर्ष समिति को साथ लेकर सीओडी के कमांडेंट बिग्रेडियर परमजीत सिंह, छावनी बोर्ड के उपाध्यक्ष डा. पंकज महेंद्रू के साथ वार्ता की। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री के प्रतिनिधि अनिल चौधरी, शरद चौहान, भाजपा नेता डा. जीएस धर्मेश, प्रेमचंद्र कुशवाहा, पार्षद प्रमोद उपाध्याय, संजय खिरवार, भूपेंद्र भाटी, प्रमोद उपाध्याय, डा. हरिशंकर, बिजेंद्र प्रधान, रिटायर्ड कैप्टन लाल सिंह चाहर, हरिओम सिंह, एनपी सिंह, ब्रजेश नौहवार, अशोक कुशवाह, ब्रिजेश यादव आदि शामिल रहे।
कमिश्नर के साथ होगी बैठक
नाला निर्माण को लेकर मंडलायुक्त के साथ ही सैन्य अफसरों की मीटिंग होगी। इसमें संघर्ष समिति के सदस्य भी भाग लेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री का कहना है कि नाला निर्माण राज्य सरकार कराएगी। यदि किसी कारणवश नाला निर्माण नहीं होता है तो ऐसी स्थिति में सैन्य प्रशासन से नाला निर्माण कराए जाने को वह प्रस्ताव मंगाएंगे। इस संबंध में रक्षा मंत्री से भी बात की जाएगी।
छावनी एक्ट में होगा संशोधन
केंद्र सरकार जल्द ही छावनी एक्ट में संशोधन करने जा रही है। कठेरिया ने बताया कि मार्च में संभवत: ये संशोधन हो जाएगा। इस संशोधन के बाद देशभर के छावनी इलाके और उससे सटे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याएं बहुत हद तक दूर हो जाएंगी।