मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ करने ग्राम अयेला पहुंचे एसडीएम को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आलू का भंडारण मिला। यह देख उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों को जमकर फटकार लगाई। साथ ही आलू हटवाने का निर्देश दिया। एसडीएम ने आलू रखने वालों से स्पष्टीकरण मांगते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
खेरागढ के ग्राम अयेला में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रामभरोसे चल रहा है। बुधवार को यहां पहुंचे एसडीएम एमपी सिंह को पता चला कि स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सकों के न रहने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य केन्द्र भवन पर गांव के ही कुछ लोगों का कब्जा है। उन्होंने भवन में आलू का भंडारण कर रखा है। इस कारण परिसर में टीकाकरण संबंधी कार्यक्रम की व्यवस्था नहीं हो सकी। उपजिलाधिकारी ने मौके पर ही चिकित्सकों को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान ग्रामीणों ने चिकित्सकों के कम आने की शिकायत की। इस पर एसडीएम ने केन्द्र प्रभारी चिकित्सक से स्पष्टीकरण मांगा और स्वास्थ्य केन्द्र परिसर खाली कराने व कार्रवाई करने के निर्देश दिया। बाद में उन्होंने जिलाधिकारी को चिकित्सकों की लापरवाही की रिपोर्ट भेजी। एसडीएम एमपी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य केन्द्र में आलू भरे होने पर उसे खाली कराने के निर्देश केन्द्र अधीक्षक को दिए हैं।
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आलू किसानों ने की मुआवजा दिलाने की मांग
बाह। शीतगृहों में रखे आलू खराब होने के मामले को लेकर बुधवार को किसानों ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और मुआवजा दिलाने की मांग की। बता दें कि जैतपुर, हिंगोटखेड़ा, पिनाहट के शीतगृहों में आलू खराब होने को लेकर किसान विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। कुकथरी के शीतगृह में आलू खराब होने को लेकर किसान गनपति सिंह, जयपाल, श्याम कुमार, संजय, मलखान, बृजेश, रामदेव, रामरतन, दयानंद, दिनेश सिंह, प्रेम नरायन आदि तहसील मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शीतगृह मालिक पर धमकी देकर भगाने का आरोप लगाया। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई और मुआवजा दिलवाने की मांग की है। एसडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।