कासगंज में हिंसा के दौरान मारे गए युवक चंदन को शासन ने भले ही शहीद का दर्जा न दिया हो लेकिन चंदन का परिवार और विभिन्न संगठन चंदन को तिरंगे की खातिर शहीद मान रहे हैं। चंदन की स्मृति को तिरंगा के सहारे ताजा रखने के लिए उसके घर पर बुधवार को 50 फीट ऊंचा तिरंगा फहराया गया।
इस मौके पर पूरा परिवार बेहद भावुक दिखा। पिता सुशील गुप्ता बोले की तिरंगा ही हमारा चंदन है। राष्ट्र स्वाभिमान मंच के संस्थापक दीपक शर्मा ने कहा कि तिरंगे में चंदन नजर आएगा। बुधवार को चंदन का त्रयोदशी संस्कार था। इस मौके पर चंदन के तमाम रिश्तेदार भी आए हुए थे।
रिश्तेदार और विभिन्न संगठनों के लोग सांत्वना देने पहुंचे। राष्ट्र स्वाभिमान मंच के संस्थापक दीपक शर्मा हाथरस से अपनी टीम के साथ आए। उन्होंने 50 फीट ऊंचा तिरंगा फहराने में परिवार का सहयोग किया। उन्होंने कि देश विरोधी मानसिकता के लोगों ने गोली मारकर चंदन की हत्या कर दी, लेकिन अब छत पर लगे 50 फीट ऊंचे तिरंगे में चंदन ही नजर आएगा।
पिता सुशील गुप्ता ने भी कहा कि यह तिरंगा चंदन की स्मृति को ताजा रखेगा। तिरंगा ही हमारा चंदन है। चंदन की मां संगीता गुप्ता तो चंदन की मौत के बाद से ही 26 जनवरी से तिरंगे में ही चंदन का अक्श देखतीं हैं और वह तिरंगे को अपने से अलग नहीं होने देतीं।
चंदन की हत्या सरकार की विफलता
ओमप्रकाश आर्यन
- फोटो : अमर उजाला
शिवसेना की उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी के प्रमुख ओमप्रकाश आर्यन ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर तिरंगा यात्रा के दौरान हुआ सांप्रदायिक दंगा सुनियोजित है। यह दंगा प्रदेश सरकार और खुफिया विभाग की विफलता का नतीजा है। यह बातें उन्होंने चंदन के परिवार से मिलने के बाद पत्रकारों से कहीं।
ओमप्रकाश आर्यन ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर तिरंगा यात्रा निकालना कोई गुनाह नहीं हैं। देश में लगातार हिंदुओं की हत्या की घटनाएं हो रही हैं। कश्मीर से तो हिंदू पलायन ही कर चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी 56 इंच के सीने की बात करते थे, आज उनका सीना घटकर 6 इंच का रह गया है।
उन्होंने कहा कि शहर में हुई सांप्रदायिक हिंसा सोची समझी साजिश का हिस्सा है जिसे खुफिया विभाग भांप नहीं पाया। यदि खुफिया विभाग सतर्क होता तो चंदन की जान बच जाती। प्रदेश सरकार भी इससे अपना पल्ला नहीं झाड़ सकती।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवार को जो 20 लाख की मदद दी है, वह नाकाफी है। परिवार को 50 लाख की सहायता दी जाए। परिवार के सदस्य को जल्द ही सरकारी नौकरी दी जाए। परिवार की सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाएं।