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डेंगू-बुखार का कहर: कासगंज में मासूम सहित सात मरीजों की मौत, एटा में तीन लोगों ने तोड़ा दम

Mon, 11 Oct 2021 06:55 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क,अमर उजाला, कासगंज / एटा

सार

कासगंज और एटा जिले में डेंगू-बुखार से मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। दोनों जिलों में बीते 24 घंटे में डेंगू-बुखार से 10 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में चार साल का मासूम और 15 साल की किशोरी भी हैं। मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।    
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डेंगू-मलेरिया वार्ड (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कासगंज जिले में सोमवार को डेंगू और बुखार से मासूम सहित सात लोगों की जान चली गई। पटियाली क्षेत्र का बढौला गांव नया हॉटस्पॉट बना है। इस गांव में 24 घंटे में चार लोगों की मौत हुई है। जिससे गांव में भय का माहौल है। जिले में डेंगू और बुखार से मौत का आंकड़ा बढ़कर 85 पर पहुंच गया है। 

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पटियाली के गांव बढौला में बुखार और डेंगू के प्रकोप से हालत विकराल हो गए हैं। इस गांव में 24 घंटे में चार जानें चली गईं। गांव की प्रियंका (30) पत्नी राजीव को चार दिन पहले बुखार आया था। परिजनों ने निजी चिकित्सक को दिखाने के बाद भी राहत नहीं मिली। 

इसके बाद उसे परिजन फर्रुखाबाद ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे डेंगू बताया। इलाज के बाद भी राहत न मिलने पर चिकित्सकों ने बाहर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन उसे अपने घर ले आए। रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। 

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60 वर्षीय बुजुर्ग की बरेली में मौत
गांव के प्रमोद (60) पुत्र वेदराम को तीन दिन पहले बुखार आया। चिकित्सक ने डेंगू बताया। इसके बाद उसे बरेली ले जाया गया। जहां रविवार की रात्रि उसकी मौत हो गई। वहीं राधेश्याम (50) पुत्र लालराम को रविवार सुबह बुखार आया। परिजन उन्हें निजी चिकित्सक के पास ले गए। इलाज के बाद उसे परिजन घर ले आए। रात में उसकी भी मौत हो गई। 

गांव के प्रेमचंद (65) पुत्र मिटठूलाल को सोमवार सुबह बुखार आया। परिजन उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। विकास (22) पुत्र नेत्रपाल निवासी देवी नगला पटियाली को चार दिन पहले बुखार आया। चिकित्सकों ने डेंगू बताया। इसके बाद उसे फर्रुखाबाद ले जाया गया। जहां उसने दम तोड़ दिया। 

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कासगंज के बढ़ारी बैस निवासी सूर्या (4) पुत्र सुरेंद्र को तीन दिन पहले बुखार आया। चिकित्सकों ने उसे डेंगू बताया। इसके बाद परिजन उसे अलीगढ़ ले गए। सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई।

मोहल्ला किला निवासी सोनू (22) पुत्र बादशाह को दो दिन पहले बुखार आया। परिजनों ने निजी चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सकों ने उसे डेंगू बताया। इलाज के बाद राहत न मिलने पर उसे  बाहर ले जाने के सलाह दी। परिजन जब उसे अलीगढ़ ले जा रहे थे। रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। 
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एटा में किशोरी सहित तीन की मौत
एटा में 24 घंटे के अंतराल में जलेसर तहसील क्षेत्र में एक किशोरी सहित तीन की मौत बुखार से हो गई। गांव बेरनी निवासी 26 वर्षीय नरेश पुत्र रामजीलाल को चार दिन से बुखार आ रहा था। हालत खराब होने पर परिजन आगरा ले गए, जहां रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। 

गांव टिमरुआ निवासी 55 वर्षीय भीकमपाल को भी चार दिन से बुखार आ रहा था। सोमवार की सुबह उसकी भी मौत हो गई। अवागढ़ विकासखंड क्षेत्र के गांव बरा भड़ौला में 15 वर्षीय मधु पुत्री सुरेश चंद्र को दो दिन से बुखार आ रहा था। परिजन आगरा ले गए, वहां इलाज के दौरान रविवार रात मौत हो गई। 

क्षेत्र के गांव टिमरुआ, बेरनी और कोसमा के हालात ज्यादा खराब हैं। तीनों गांव में 200 से अधिक बुखार के पीड़ित हैं। बेरनी के लोगों ने जलेसर सीएचसी अधीक्षक को गांव में स्वास्थ्य टीम भेजने की बात कही। सूचना पर मलेरिया निरीक्षक लोकमन सिंह गांव में स्वास्थ्य टीम के साथ पहुंचे। 

मलेरिया निरीक्षक ने बताया कि 99 लोगों की मलेरिया व 12 की डेंगू की जांच की गई। उन्होंने बताया कि गांव में जिस व्यक्ति की मौत हुई है, उसके पेट में पानी भरने की समस्या थी, लिवर भी बड़ा हुआ था। 
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