आज यानी 29 अक्तूब को देश भर में करवाचौथ का त्योहार मनाया जाएगा। करवाचौथ पर सुहागिन महिलाएं अपनी पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। करवाचौथ के इस व्रत को करक चतुर्थी, दशरथ चतुर्थी, संकष्टि चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन करवा माता के साथ मां पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी की पूजा करने का भी विधान है। इस दिन सुहागिन स्त्रियों को इस व्रत का वर्ष भर इंतजार रहता है। इस दिन सुहाग से जुड़ी चीजों का काफी महत्व होता है इसलिए सुहागिन स्त्रियां करवा चौथ पर सोलह श्रृंगार करती हैं।
करवाचौथ पूजन का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य वेद प्रकाश प्रचेता ने बताया कि 28 अक्तूबर की रात 1:07 बजे कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि शुरू होगी, जो 29 अक्तूबर की रात 10:07 बजे तक रहेगी। करवाचौथ पर रात आठ बजे चंद्रोदय होगा। इसके बाद महिलाएं चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देंगी और पति का चेहरा देखकर व्रत का पारण करेंगी।
बादल बढ़ा सकते हैं सुहागिनों के चांद के दीदार का इंतजार
मौसम के एक बार फिर करवट बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 29 और 30 अक्तूबर को बादल छाए रहने का अनुमान जताया हैं। ऐसा होने से करवाचौथ पर सुहागन महिलाओं की परेशानी बढ़ सकती है। इनको चंद्रमा का दर्शन करने का इंतजार बढ़ सकता है। 31 अक्तूबर से मौसम साफ रहने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने दो दिन 29 और 30 अक्तूबर को बादल गरजने और बिजली कड़कने के आसार जताए हैं। तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इसकी गति से 50 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। बूंदाबांदी भी हो सकती है। ऐसे में 29 को करवाचौथ है और इसमें सुहागिनें चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत पूरा करती हैं। मौसम में बदलाव के कारण चंद्रमा सुहागिनों की परीक्षा ले सकता है। बादलों की ओट में चंद्रमा छिप गया तो सुहागिनों का इंतजार बढ़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान की बात करें तो 16.8 डिग्री सेल्सियस रहा है। ये सामान्य से मामूली कम है।