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कांवड़ यात्रा: प्रतिबंध पर भारी पड़ रही आस्था, गंगा घाटों के समीवर्ती क्षेत्रों में भर रहे कांवड़-

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कांवड़ की खबर से संबंधित। कासगंज के सोंरों लहरा घाट के समीप से कांवड़ भरते श्रद्धालु। - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। प्रदेश सरकार के द्वारा भले ही कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया हो, लेकिन इस प्रतिबंध पर आस्था भारी पड़ रही है। भोले भक्त गंगा घाटों के आसपास से इलाकों से गंगाजल भरकर जा रहे हैं और भोले बाबा का अभिषेक कर कांवड़ चढ़ा रहे हैं।
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सरकार के द्वारा कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाने के बाद जनपद के लहरा घाट, सोरों हरि की पैड़ी, कछला घाट, कादरगंज घाट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई हैं। वहां पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में कांवड़ लेकर गंगाजल भरकर लाने वाले श्रद्धालु घाटों के समीपवर्ती क्षेत्र से गंगाजल भरकर ला रहे हैं। वहीं कांवड़ों को सजाकर ले जा रहे हैं। कांवड़ लेकर जाने वाले श्रद्धालु रात को ही सोरों पहुंच गए।
भोर की पहली किरण के साथ ही गंगा स्नान कर कांवड़ में गंगाजली भर अपनी कांवड़ियों को रैन बसेरों और मंदिर परिसरों में सजा रहे हैं। गंगाजल लेकर अपने गंतव्य के लिए निकल जाते हैं। कांवड़ियों की टोलियां नगर से होती हुई मार्गों पर दिखाई देने लगी है। कोरोना संक्रमण के चलते प्रतिबंध होनेपर बड़ी टोलियों में अब कांवड़िए नहीं दिख रहे हैं। चार या पांच लोग एकत्रित होकर घाटों से कांवड़ भरकर निकल रहे हैं। जिससे उनकी रोकटोक न हों।
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