माता-पिता को गंगास्नान कराने लाए पातीराम
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श्रावण मास में कासगंज में धर्म और आध्यात्म का अनूठा संगम दिखाई दे रहा है। एक तरफ कांवड़ियों की टोलियां हैं तो दूसरी ओर कांवड़ मेला में युवा अपने बुजुर्ग अभिभावकों की इच्छा पूरी करने के लिए उन्हें गंगा स्नान कराने ला रहे हैं। शुक्रवार को हाथरस के बुढ़ाईच गांव के बेटे और बहू अपने लकवा ग्रस्त माता-पिता की गंगा स्नान की इच्छा को पूरा किया। कावड़ में बिठाकर कछला घाट पर गंगा स्नान कराया और गांव के मंदिर में जलाभिषेक के लिए गंगाजल भरकर भी ले गए।
बुढ़ाईच निवासी अमान देवी और पोतीराम की सावन माह में कछला गंगा घाट पर स्नान करने की इच्छा थी। लकवा ग्रस्त होने के कारण वो खुद गंगा स्नान के लिए आने में समर्थ नहीं थे। उन्होंने अपनी इच्छा अपने पुत्र के सामने रखी। बेटा राजकुमार और बहू विमला देवी ने माता-पिता की इच्छा को पूरा करने की ठानी। वो कांवड़ में बिठाकर माता-पिता को गंगा स्नान के लिए कछला गंगा घाट लेकर आए।
स्नान के बाद उनको कांवड़ में बिठाकर जब वे अपने गांव ले जाने लगे तो लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। बुजुर्ग दंपति अपने परिवार की सेवा से बेहद खुश नजर आ रहे थे। पुत्र व पुत्रवधू ने बताया कि दिन में लगभग 20 किमी की यात्रा करने के बाद विश्राम करते है। सिकंदराराऊ, जलेसर होते हुए सोमवार को गांव बुढ़ाईच पहुंचकर शिव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ यात्रा में योगेश कुमार, यशवती, जितेंद्र कुमार, गीता, निशांत आदि परिजन मौजूद रहे।