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दुकानें 7 हजार, धरने में 70 भी नहीं

Wed, 30 Mar 2016 01:32 AM IST
अमर उजाला आगरा
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सराफ हड़ताल - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
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 सराफा व्यापारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को 28 दिन हो चुके हैं। लंबा वक्त बीतने के साथ एक्साइज ड्यूटी को लेकर कोई फैसला न आने से व्यापारियों में निराशा घर करने लगी है। सबसे ज्यादा परेशान छोटे दुकानदार हैं। उन्होंने सराफा कमेटियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है कि जब वे एक्साइज के दायरे में आएंगे ही नहीं तो फिर एक महीने से प्रतिष्ठान क्यों बंद किया जा रहा है। एडमिशन सीजन और होली का त्योहार बीतने के साथ ही आर्थिक संकट के कारण कारीगरों का धैर्य भी जवाब देने लगा है। यही वजह है कि सात हजार सराफा प्रतिष्ठान होने के बाद भी धरने में हर दिन 70 से ज्यादा व्यापारी नहीं पहुुंच रहे।
किनारी बाजार, नमक की मंडी, चौबे जी का फाटक, जौहरी बाजार सहित जिले में सराफा के सात हजार प्रतिष्ठान हैं। मंगलवार को किनारी बाजार तिराहे पर धरने में पांच दर्जन व्यापारी भी नहीं थे। व्यापारियों ने कहा कि वे 31 मार्च को नई रणनीति का एलान करेंगे। सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मुरारी लाल फतेहपुरिया ने कहा कि अब नींद हराम कार्यक्रम चलाया जा सकता है। धरने में सुशील गुप्ता, निर्मल जैन, अशोक कुमार, देवेंद्र गोयल, सुधीर गुप्ता, सुशील चौहान, बृज मोहन रैपुरिया मौजूद रहे।
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सेंट्रल एक्साइज बैठक में नहीं गए व्यापारी (फोटो ट्रैक)
सेंट्रल एक्साइज, कस्टम एंड सर्विस टैक्स कमिश्नर ने मंगलवार दोपहर तीन बजे संजय प्लेस स्थित कार्यालय में सराफा व्यापारियों की बैठक बुलाई थी, लेकिन इसमें किसी भी कमेटी का कोई व्यापारी नहीं पहुंचा। सेंट्रल एक्साइज के अधिकारी सोमवार को एमजी रोड स्थित धरना स्थल पर व्यापारियों को आमंत्रण देने गए थे। देशभर में सेंट्रल एक्साइज बोर्ड के निर्देश पर यह बैठकें आयोजित की गई थीं, लेकिन आगरा में व्यापारियों ने इसका बहिष्कार किया। अधिकारियों के मुताबिक, सराफा व्यापारियों की शंकाओं और भ्रम को जानने के बाद बोर्ड को इसकी सूचना दी जानी थी। इससे व्यापारियों की बात ही सरकार तक पहुंचती।
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नमक की मंडी में खुली दुकानें
सराफा व्यापारियों का धरना किनारी बाजार तिराहे पर हुआ, लेकिन पीछे नमक की मंडी में उसी समय कई दुकानें खुली रहीं। नमक की मंडी फाटक के अंदर छोटी-छोटी दुकानों पर ग्राहक तो नहीं थे, लेकिन व्यापारी आपस में ही गुट बनाकर चर्चाओं में मशगूल रहे।
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