बस रोए जा रहे थे, कुछ ही देर में वहां लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। जेई की हालत देख सभी घबरा गए। चार कर्मियों ने उनके हाथ पैर पकड़े और गाड़ी में डाल कर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक ने जांच की तो कुछ खास नहीं मिला, चिकित्सक ने पैनिक अटैक के लक्षण बताते हुए उपचार किया। उधर कर्मियों ने जेई के परिजन को फोन कर सूचना दी। जेई रोते हुए बार बार कार्यालय में होने वाले शोषण की बात कह रहे थे, पूछने पर बताया कि उन्हें अधिकारी व कुछ कर्मी लगातार परेशान करते आ रहे हैं। आरोप के बीच अन्य कर्मियों ने चुप्पी साध ली।
अजय कुमार पहले ड्राफ्ट मैन के पद पर थे, प्रमोशन के बाद अवर अभियंता प्रावधिक की जिम्मेदारी मिली है। पद पर रहते हुए काम की जिम्मेदारी भी है, बावजूद इसके उनसे कोई अतिरिक्त कार्य नहीं लिया जाता। प्रताड़ित किए जाने जैसा कुछ भी नहीं है।
-नुजहत परवीन, अधिशासी अभियंता आरईएस
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