बीते साल ऑडिट सत्र में फतेहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 2021-2024 सत्र में फर्जी जेएसवाई-नसबंदी का मामला पकड़ा गया था। एक-एक महिला के 20-25 बार प्रसव और 3-5 बार नसबंदी करा दी। कृष्णा के 25 बार प्रसव व 5 बार नसबंदी, कस्तूरी देवी के 19 बार प्रसव व एक बार नसबंदी, सुनीता और मछला देवी के 18-18 बार प्रसव और तीन-तीन बार नसबंदी दिखाकर घोटाला किया।
6 महिलाओं के दो साल में 116 बार प्रसव और 19 बार नसबंदी दर्शाते हुए 1.88 लाख रुपये अपने खाते में डलवा लिए गए। इस घोटाले में आशाओं और स्टाफ के बयान भी हुए। इसके बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि घोटाले रुपयों की रिकवरी हो गई है। अभी जांच चल रही है।
चार के खिलाफ दर्ज हुआ था प्राथमिकी
घोटाले में स्वयं सहायता समूह का संचालक अशोक कुमार, ब्लॉक लेखा प्रबंधक नीरज अवस्थी-अजहर, ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी गौरव थापा, डाटा एंट्री ऑपरेटर गौतम सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी।