मथुरा के जवाहर कांड के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव की हत्या के प्रार्थना पत्र पर बृहस्पतिवार को एडीजे षष्टम की अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। सीजेएम की अदालत के निर्णय के खिलाफ रिवीजन का प्रार्थना पत्र देने वाले रामवृक्ष यादव के गुरु भाई राजनारायण शुक्ला भी अदालत पहुंचे। न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए 19 दिसंबर की तारीख तय की है। राजनारायण ने अपने प्रार्थना पत्र में पुलिस पर रामवृक्ष यादव का अपहरण कर हत्या करने का आरोप लगाया है।
राजनारायण ने कहा कि 2 जून 2016 में जिस समय पुलिस ने जवाहर बाग में आग लगा दी थी, तब रामवृक्ष यादव अपने अन्य साथियों के साथ जवाहर बाग से भागा था। उसे निकलकर जाते समय पुलिस ने पकड़ लिया था। पुलिस ने रामवृक्ष को अपने कब्जे में ले लिया था, जबकि अन्य लोगों को अलग-अलग थाने भेजा था। इसके बाद से रामवृक्ष का कुछ पता नहीं चला। आरोप लगाया कि पुलिस ने रामवृक्ष यादव का अपहरण कर हत्या कर दी। राजनारायण ने पहले सीजेएम की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। सीबीआई ने सीजेएम को यह सूचना भेजी कि वारदात में रामवृक्ष मर गया था। सीबीआई की इस सूचना के बाद सीजेएम ने प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था। राजनारायण ने एडीजे अष्टम अभिषेक पांडे की अदालत में चुनौती दी है। अधिवक्ता एल के गौतम ने बताया कि अदालत में न्यायाधीश की अनुपस्थिति के कारण अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी।
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जवाहर बाग में चोरी करके बिजली जलाने के मामले में भी रामवृक्ष यादव के गुरु भाई राजनारायण शुक्ला हाजिर हुए। अदालत में राजनारायण शुक्ला और रामवृक्ष यादव के करीबी रहे हरनाथ के खिलाफ बिजली चोरी का मामला चल रहा है। इसमें आठ अन्य के खिलाफ वारंट जारी हुए हैं। ये लोग केस में अभी तक अदालत में हाजिर नहीं हुए हैं। बृहस्पतिवार को उनके अधिवक्ता एलके गौतम ने हरनाथ की हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दिया। मालूम हो कि रामवृक्ष के साथियों ने उद्यान विभाग के माध्यम से चलाए जा रहे ट्यूबवेल से बिजली के साथ पानी का प्रयोग सभी लोग करते थे। जब कनेक्शन काटा गया तो फिर जोड़ लिया था। बिना मीटर के चोरी छिपे बिजली प्रयोग करने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसकी सुनवाई अभी तक चल रही है।