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Janmashtami 2024: बांकेबिहारी मंदिर की व्यवस्थाओं में बड़ा बदलाव, सीमित भक्त ही कर सकेंगे मंगला आरती के दर्शन

Sun, 28 Jul 2024 12:06 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर पर वर्ष में एक बार होने वाली मंगला आरती के दर्शन सीमित भक्त ही कर सकेंगे। इसके लिए  पुलिस-प्रशासन ने पूरा प्लान तैयार कर लिया है। 
 
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ठाकुर बांके बिहारी मंदिर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर वृंदावन के बिहारी जी मंदिर में साल में एक बार होने वाली मंगला आरती के दर्शन की लाखों भक्तों की चाह इस बार भी शायद पूरी नहीं हो पाएगी। भीड़ प्रबंधन के इंतजामों के तहत प्रशासन-पुलिस ने मन बना लिया है कि पिछली बार की तरह सीमित भक्तों को ही प्रवेश दिया जाएगा। पिछली बार तो भक्तों की आड़ में सिर्फ अधिकारी, उनके परिवार और मंदिर प्रबंधन, सेवा, सुरक्षा से जुड़े लोगों व वीआईपी को ही इस आरती के दर्शन हुए थे।
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आगामी 26 अगस्त की मध्यरात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण का जन्म होगा। पूरा ब्रज अजन्मे के जन्म के इंतजार में पलके बिछाए बैठा है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु ब्रज में जुटेंगे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती के दर्शन के लिए लाखों भक्तों का जमावड़ा लगता है। 2022 में इसी आरती दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में भगदड़ मची थी और दो भक्तों की जान चली गई थी। कई घायल हुए थे। उस हादसे के बाद से ही प्रशासन इसको लेकर बीते साल गंभीर हुआ था।

 

सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार ने  बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भीड़ प्रबंधन को लेकर तैयारी की जा रही है। 2023 का प्लान सफल रहा था। शांतिपूर्ण व सकुशल तरीके से मंगला आरती संपन्न हुई थी। उसी तर्ज पर इस बार भी आयोजन कराया जाएगा।

भीड़ प्रबंधन के इंतजामों पर भारी 'हुकूमत'
वृंदावन के ठा. श्रीबांके बिहारी के दर्शन को आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को सहज और सरल दर्शन कराने के लिए किए जाने वाले इंतजामों पर अप्रत्यक्ष हुकूमत भारी पड़ रही है। न तो मंदिर प्रबंधन भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी अपने सिर ओढ़ता है और न ही जिला प्रशासन और पुलिस। सभी लोग एक दूसरे पर जिम्मेदारी टाल देते हैं। जब बात ज्यादा बढ़ती है तो मामला कोर्ट के पाले में डाल दिया जाता है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आने को है। पिछले साल भी इंतजामों को लेकर काफी चिकचिक सभी पक्षों के बीच हुई थी। प्लान तैयार किया गया था कि दर्शन पूर्व पर्ची व्यवस्था लागू की जाएगी। मगर, वह व्यवस्था अप्रत्यक्ष हुकूमत की भेंट चढ़ गई। न तो पर्ची धारकों के लिए कोई प्रवेश द्वार निर्धारित हुआ और न ही इस व्यवस्था को जारी रखने का कोई आधिकारिक फरमान अभी तक आया।

 

स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने दर्जनों दफा कई व्यवस्थाएं कीं। मगर, कभी किसी पक्ष का विरोध शुरू हुआ तो कभी किसी का। हर बार व्यवस्थाएं फेल हुईं और श्रद्धालुओं को इसका खामियाजा उठाना पड़ा। प्रशासन की ओर से कई दफा सेवायतों के साथ बैठक की। कई प्लान रखे। मगर, सभी हवा-हवाई साबित हुए।

 

महज 1000 भक्तों के दर्शन की एक बार में जगह
वर्ष 1864 में स्थापित श्रीबांके बिहारी मंदिर में वर्तमान में हर रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करते हैं। शनिवार और रविवार को यह संख्या एक लाख के पार होती है। विशेष त्योहारों पर तो पांच लाख से अधिक श्रद्धालु एक दिन में यहां आ जाते हैं। जबकि मंदिर परिसर के भीतर चौक का एरिया 48 वाई 48 फुट का है, जिसमें एक समय में महज 1000 के करीब लोग ही आ पाते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि आखिरी जन्माष्टमी पर पुलिस-प्रशासन भीड़ नियंत्रित कैसे करेगा।

 
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दो साल में यह हुए इंतजाम, जो हर बार फेल हुए
 21 अगस्त 2022 को मंदिर में वन-वे रूट और गेट पर बैरिकेडिंग कर दी गई। वीआईपी के लिए भी गेट संख्या दो से ही प्रवेश प्रारंभ हुआ।
22 अगस्त 2022 को मंदिर के गेट संख्या एक और दो के बीच बैरिकेडिंग, चबूतरे पर बैरिकेडिंग हुई तो सेवायतों ने विरोध किया।
24 अगस्त 2022 को मंदिर के अंदर रेलिंग व्यवस्था से श्रद्धालुओं को प्रवेश।
18 सितंबर 2022 को बाजार में रस्सी बांधकर श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया गया।
7 अक्टूबर 2022 को मंदिर की गली में दोनों ओर रेलिंग लगाईं, दुकानदारों के विरोध पर हटाईं।
14 नवंबर 2022 को श्रद्धालुओं को कतारबद्ध मंदिर में प्रवेश कराया, एक सप्ताह में व्यवस्था फेल हो गई।
19 नवंबर 2022 को मंदिर के अंदर बैरिकेडिंग, रेलिंग से होकर श्रद्धालु निकाले यह व्यवस्था भी फेल हुई।
24 नवंबर 2022 को मंदिर के अंदर बांधकर श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके फिर रेलिंग की व्यवस्था, जो कि दो दिन बाद ही फेल।
24 दिसंबर 2022 को फिर मंदिर के रास्ते में रस्सा बांधकर श्रद्धालुओं को कतारबद्ध प्रवेश, पांच जनवरी तक व्यवस्था चली।
 12 अप्रैल 2023- विद्यापीठ से मंदिर तक रेलिंग में होकर श्रद्धालुओं के प्रवेश की व्यवस्था हुई, ये भी अब फेल हो रही।
17 अप्रैल 2023- बांकेबिहारी मार्केट में लगाई गई रेलिंग हटाई गईं। 10 मई को फिर लगाई गई।
06 मई 2023 को नगर निगम की ओर से दर्शन पूर्व पर्ची व्यवस्था शुरू की गई, जो कि दो दिन में ही बंद कर दी गई।
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