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Agra News: ईरानी नौसेना के अधिकारियों ने ताज के साथ ली थी आखिरी सेल्फी, अब बन गई यादगार

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 ताजमहल पर आए थे ईरान के नौसैनिक। फाइल फोटो
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आगरा। हमले में मारे गए ईरान की नौसेना के अधिकारियों और सैनिकों के लिए भारत की यात्रा उनके जीवन का आखिरी अध्याय साबित हुई। सभी ने अभ्यास के साथ भारत की संस्कृति को भी करीब से जाना था। दिल्ली से आगरा भी आए थे। मोहब्बत की निशानी ताजमहल का दीदार कर तस्वीर खिंचाई थीं। शाहजहां-मुमताज की कहानी को सुना था। 2 घंटे तक रुकने के दौरान यहां की हस्तशिल्प कला को भी देखा था। मगर उनकी यह यात्रा अब यादों तक ही सिमटकर रह गई है। शुक्रवार को इन नाैसैनिकों की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तो उन्हें घुमाने वाले पुलिस और सीआईएसएफ अधिकारी भी याद में खो गए।
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एक अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस देना को डुबो दिया था। युद्धपोत पर सवार 87 नौसैनिक मारे गए हैं, जबकि 32 क्रू मेंबर्स को बचा लिया गया था। दावा है कि यह नाैसैनिक भारत में अभ्यास के बाद लाैट रहे थे। युद्ध के बीच उन पर हमला हुआ। अब चर्चा है कि ईरानी नाैसैनिक 19 फरवरी को आगरा भी आए थे। उन्होंने ताजमहल का दीदार किया था। कुछ नाैसैनिकों के साथ उनकी पत्नी भी शामिल थीं।
एसीपी ताज सुरक्षा पियूष कांत राय ने बताया कि 350 नाैसैनिकों का दल दिल्ली से आगरा आया था। इनमें कई देशों के नाैसेना के अधिकारी और सैनिक शामिल थे। सभी दिल्ली से आगरा विमान से एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे थे। उन्हें बस से शिल्पग्राम लाया गया था। वो गोल्फकार्ट से ताजमहल देखने गए थे। उन्हें ताज सुरक्षा पुलिस और सीआईएसएफ ने ताजमहल का दीदार कराया था। सभी प्रवेश करने के बाद अलग अलग हो गए थे। ताजमहल की खूबसूरती को करीब से देखने लगेे थे।
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-। ताजगंज की गलियों में की थी खरीदारी
आगरा आए दल में ईरानी नौसैनिकों के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। उन्होंने ताजमहल के दीदार के दौरान ग्रुप और अलग होकर सेल्फी और फोटो ली थीं। प्रेम के प्रतीक ताजमहल के सामने जमकर तस्वीरें खिंचवाईं थीं। उनके चेहरों पर भारत घूमने की खुशी साफ झलक रही थी। 1 घंटे तक ताजमहल के अंदर बिताने के बाद उनको ताजगंज क्षेत्र के एक सितारा होटल में भोजन कराया गया था। उन्होंने बाजार में खरीदारी भी की थी। उन्होंने भारतीय हस्तशिल्प और उपहार खरीदे थे, जिन्हें वे अपने वतन ले जाना चाहते थे। वह दो घंटे आगरा में रुकने के बाद वापस चले गए थे। बता दें हमले का शिकार हुए ईरानी जहाज के चालक दल के सदस्य भारत दौरे पर थे। विशाखापट्टनम में हुए नौसैनिक अभ्यास मिलन और अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेने आए थे। इन सैनिकों ने अपनी ड्यूटी के साथ-साथ भारत की संस्कृति और विरासत का जमकर लुत्फ उठाया था।
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