अमर उजाला और बीएसए इंजीनियरिंग कॉलेज की ओर से शनिवार को आयोजित सम्मान समारोह में मथुरा के एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने छात्र-छात्राओं को सफलता का मंत्र दिया। उन्होंने अपने आईपीएस बनने के पीछे दिलचस्प कहानी भी बतायी।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि वो केमिस्ट्री का लेक्चरर बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत ने आईपीएस बना दिया। वो प्रतिदिन पांच से छह घंटे ही पढ़ा करते थे। एनसीईआरटी की कोई बुक्स ऐसी हो जो न पढ़ी हो।
उन्हें पढ़ने की रुचि बचपन से थी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 76 प्रतिशत अंक ही प्राप्त किए तो इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी 61 प्रतिशत अंकों से क्लीयर की। एक ही बार में सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास कर आईपीएस बन गए।