डायरी में 15 अक्तूबर से दो नवंबर तक आइपीएल मैचों और उसमें लगे दांव का ब्योरा है। यह तकरीबन चार करोड़ का है। अब डायरी के कोड वर्ड से आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जाएंगे। उधर, पुलिस ने सरगना की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी है। इसके लिए सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है।
हाथ नहीं आए दिल्ली और मुंबई के सटोरिये-बुकी
शहर में पुलिस सटोरियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए हुए है। थाना कमला नगर, सदर में 40 से अधिक सटोरिये पकड़े जा चुके हैं। यह सटोरिये दिल्ली और मुंबई के बुकी और सटोरियों के संपर्क में रहते हैं। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सरगना के नाम भी आते हैं। मगर, वह पकड़े नहीं जाते हैं।
सरगना मोबाइल पर एक एप डाउनलोड कराते हैं। इस एप की मदद से कुछ सेकेंड पहले मैच का प्रसारण हो जाता है। इससे जीतने और हारने वाली टीम पर रकम तय होती है। इसके बाद सट्टा लगाया जाता है। सट्टे के लिए रकम का आदान-प्रदान आनलाइन होता है। पुलिस अब मोबाइल एप की मदद से आरोपियों को पकड़ने की कोशिश में लगी है।