फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा: सामूहिक दुष्कर्म की धारा हटाने में फंसे विवेचक और थानाध्यक्ष, अब नहीं दे पा रहे जवाब

Fri, 20 Oct 2023 10:03 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा के ट्रांस यमुना में विवेचक (दरोगा) ने सामूहिक दुष्कर्म की धारा को ही हटा दिया। युवती को होटल में रखकर दुष्कर्म किया गया था। जांच में पुष्टि भी की गई थी। एसीपी ने विवेचक के खिलाफ रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी। इस मामले में विवेचक और थानाध्यक्ष दोनों फंस गए हैं। 
 
विज्ञापन
पुलिस आयुक्त कार्यालय, आगरा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा के ट्रांस यमुना थानाध्यक्ष सुमनेश विकल और विवेचक मुकदमे से सामूहिक दुष्कर्म की धारा हटाने में फंस गए हैं। विवेचना में लापरवाही सामने आने पर दोनों के खिलाफ एसीपी छत्ता ने रिपोर्ट दी है। डीसीपी सिटी सूरज राय ने प्रारंभिक जांच शुरू करा दी है।

विज्ञापन


ट्रांस यमुना इलाके की युवती 17 जून को लापता हुई थी। 12 जुलाई को अपहरण का केस दर्ज हुआ। मुकदमे के तीन दिन बाद युवती मिल गई। उसने फिरोजाबाद में होटल में रखने की बात कही। कोचिंग संचालक सहित 3 पर सामूहिक दुष्कर्म के आरोप लगाए। परिजन ने अधिकारियों से शिकायत की। इस पर विवेचक ने सामूहिक दुष्कर्म की धारा की वृद्धि की। चार्जशीट लगाई तो धारा को हटा दिया गया।

चार्जशीट एसीपी छत्ता आरके सिंह के पास पहुंची। उन्होंने धारा का लोप करने पर सवाल उठाए। यह भी कहा कि अगर, आरोप सही नहीं थे तो धारा लगाई क्यों गई। बेलनगंज चौकी प्रभारी से जांच कराई। वह पीड़िता के फिरोजाबाद में होटल भी गए। युवती के आरोप की पुष्टि हुई। उन्होंने विवेचक की लापरवाही के लिए थानाध्यक्ष को भी जिम्मेदार माना। डीसीपी को रिपोर्ट दी। उन्होंने विवेचक और थानाध्यक्ष के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू करा दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें