एआरटीओ प्रवर्तन एमपी वर्मा ने बताया कि हर नए वाहन के साथ कंपनी रियर व्यू मिरर लगाकर देती है, जो वाहन के दोनों तरफ होते हैं, दुपहिया वाहनों में दो रियर व्यू मिरर होते हैं और चौपहिया में तीन। चौपहिया वाहनों में दोनों साइड के अलावा एक मिरर अंदर केबिन में भी होता है, जिसका उपयोग पीछे आ रहे वाहन को देखने में किया जाता है, ताकि दुर्घटनाओं से बचा सके। रियर व्यू मिरर वाहन चालक को हादसे से बचाता है। इससे पीछे वाले वाहन की दूरी, स्थिति और वह किस ओर जाएगा, इसका पता चल जाता है। जिन वाहनों में रियर व्यू मिरर नहीं होता, वो अक्सर पीछे आने वाले वाहन का ध्यान नहीं रख पाते और मुड़ने या ओवरटेक के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।
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