आगरा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव कुमार ने भारतीय जीवन बीमा निगम के खिलाफ दाखिल 27 लाख रुपये का क्लेम लेने के मांग वाली परिवाद याचिका खारिज कर दी। आयोग ने माना कि बीमाधारक ने पूर्व में ली गई बीमा पॉलिसियों से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा नहीं किया था। वादी पक्ष बीमा धारक की मौत के साक्ष्य भी पेश नहीं कर सका।
थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र के फाउंड्री नगर निवासी लक्ष्मी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आयोग में 27 लाख रुपये का क्लेम लेने के लिए परिवाद दाखिल किए। बताया कि उनके चाचा राज बहादुर ने 2017 अप्रैल, मई, जून और अक्तूबर महीने में 7 पॉलिसियां ली थीं। चाचा ने उन्हें नाॅमिनी बनाया था। 12 दिसंबर, 2017 को छत से गिरने के कारण चाचा की मृत्यु हो गई। उन्होंने बीमा कंपनी को इसकी सूचना देकर बीमा राशियों के भुगतान का दावा किया, लेकिन कंपनी ने दावा निरस्त कर दिया। वादी पक्ष मौत के साक्ष्य जैसे, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पंचनामा व अन्य साक्ष्य भी पेश नहीं कर सका।