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जगदीशपुरा थाने के प्रभारी निरीक्षक लाइन हाजिर

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आगरा। गैंगस्टर से रुपये लेकर दो लोगों को जेल भेजने और छोड़ने के लिए भी रकम लेने के मामले में एसएसपी ने बुधवार को थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक प्रवींद्र कुमार सिंह पर कार्रवाई कर लाइन हाजिर कर दिया। वहीं, इस आरोप में निलंबित किए तीन दरोगा और तीन सिपाहियों पर मुकदमा दर्ज हो सकता है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है। इसमें दोषी पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि गैंगस्टर सनी कबाड़िया से रकम लेकर दो लोगों को थाना जगदीशपुरा पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में छोड़ने की एवज में उनसे भी रकम की मांग की गई थी। मामला अधिकारियों के पास पहुंचने पर दोनों को जेल भेजा गया था। हालांकि दोनों से भी रकम की वसूली की गई थी। मामला संज्ञान में आने के बाद जांच कराई गई। जांच में पुलिसकर्मियों पर आरोप साबित हो गया। इस पर मंगलवार को थाना जगदीशपुरा में तैनात दरोगा ऋषि पाल सिंह, मनोज कुमार, अर्जुन प्रताप सिंह, सिपाही राजीव कुमार, गौरव और दीपक राणा को निलंबित किया गया था।
एसएसपी ने बताया कि इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। एसपी सिटी विकास कुमार को जांच सौंपी गई है। आरोप के संबंध में साक्ष्य जुटाए जाएंगे। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उनकी गिरफ्तारी भी की जाएगी। मामले में थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक प्रवींद्र कुमार सिंह भी जांच के घेरे में हैं। थाने में पुलिसकर्मियों ने अवैध हिरासत में रखकर दो लोगों को जेल भेजा। प्रभारी निरीक्षक पर पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने इसमें लापरवाही की। इस पर उनको लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनकी भूमिका की भी जांच कराई जा रही है।
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ताजनगरी की बात करें तो यहां पुलिसकर्मियों पर कई बार दाग लग चुके हैं। तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी. के समय में 17 पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया था। पुलिसकर्मियों पर मारपीट, वसूली, ब्लैकमेलिंग, शराब पीने, गैरहाजिर रहने सहित मुकदमे दर्ज थे।
सितंबर, 2020 में डीजल के ड्रम लेकर जा रही मेटाडोर को रुनकता पुलिस चौकी पर रोका गया था। आरोप लगा था कि पुलिस ने रुपयों की मांग की। कागजात होने के बावजूद गाड़ी को सीज कर दिया। इसके बाद तेल व्यवसायी के मुंशी को चौकी में लाकर पीटा था। उससेे 23 हजार रुपये छीन लिए गए। शिकायत तत्कालीन एडीजी अजय आनंद से की गई थी। चौकी प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था।
गैलाना स्थित नरेंद्र एन्क्लेव निवासी रेनू लता के बेटे राजू की नवंबर, 2018 में सिकंदरा पुलिस की हिरासत में मौत हो गई थी। पुलिस उन्हें पड़ोसी के घर में चोरी के आरोप में पकड़कर ले गई थी। मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था। एक दरोगा को जेल जाना पड़ा था। जमानत पर बाहर आने के बाद दरोगा अब भी कार्यरत है। पीड़ित की मां की भी मौत हो चुकी है।
आगरा में तैनात रहे एक निरीक्षक पर मेरठ में पत्नी पर गोली चलाने का आरोप लगा था। निरीक्षक का पत्नी से विवाद चल रहा था। पत्नी की तहरीर पर निरीक्षक के खिलाफ जानलेवा हमला, मारपीट की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था।
एक निरीक्षक और महिला दरोगा के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत हुई थी। उनके खिलाफ जांच हुई। इसकी फाइल एसपी क्त्रसइम के कार्यालय से चोरी हो गई थी। जहरीली शराब से मौत के मामले में नौ पुलिसकर्मी निलंबित किए गए थे। पुलिसकर्मियों पर खनन माफिया से मिलीभगत के भी आरोप लग चुके हैं।
- जनवरी 2014 में मोतीगंज में गल्ला व्यापारी से डेढ़ लाख रुपये की लूट में तीन सिपाही फंसे थे। उन्होंने साथियों के साथ लूट की थी। पुलिस लाइन में तैनात तीनों पुलिसकर्मियों को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया था।
- जुलाई 2018 में बल्केश्वर स्थित न्यू आदर्श नगर निवासी सरसों के तेल एवं रिफाइंड के थोक विक्रेता चंदन गुप्ता दुकान से घर लौट रहे थे। लंगड़े की चौकी पर दो वर्दी वालों ने उनकी कार को रोक लिया। खुद को क्राइम ब्रांच का बताते हुए उन पर गलत काम करने का आरोप लगाया।15 लाख रुपये लूटकर भाग गए थे। मामले में दो सिपाही गिरफ्तार किए गए थे।
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