मैनपुरी। थाना घिरोर क्षेत्र के एक गांव निवासी एक महिला ने एक दरोगा पर विपक्षियों से मिला होने का आरोप लगाया। कहा कि सोमवार को दरोगा विपक्षियों के साथ घर में घुस आए और अर्धनग्न अवस्था में लेटी बहू और बच्चे के ऊपर से चादर खींच ली। गाली-गलौज करते हुए घर में तोड़फोड़ भी की। मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर पीड़िता ने कार्रवाई की मांग की है।
महिला ने मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा है कि 9 अगस्त की शाम को वह धान की रोपाई करने के लिए गई थी। तभी विपक्षियों ने गाली-गलौज करते हुए उनकी पिटाई की। बचाने आए परिजन को भी पीटा गया। झोपड़ी में आग लगाने की धमकी दी। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की तो शिकायत पर जांच थाने के एक दरोगा को सौंपी गई। विपक्षी रसूखदारों की ऊंची पहुंच के चलते दरोगा उनके पक्ष में हो गए और उन पर समझौते का दबाव बनाने लगे। कहा कि अगर समझौता नहीं किया तो तुझे व बच्चों को जेल भेज देंगे।
26 अगस्त को दरोगा गाली गलौज करते हुए विपक्षियों के साथ घर में घुस आए। उनकी बहू जो कि 23 अगस्त को मां बनी थी, अर्धनग्न अवस्था में बच्चे के साथ चादर ओढ़ कर सो रही थी। दरोगा ने उसके ऊपर से चादर हटा कर फेंक दी। विरोध करने पर उन्हें भी गालियां दी। घर में तोड़फोड़ भी की। पीड़िता ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में दरोगा व विपक्षियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है।