आगरा में इनर रिंग रोड व लैंड पार्सल के लिए जमीन खरीद घोटाले में 26 दिन से भूख हड़ताल कर रहे किसानों को बड़ी कामयाबी मिली है। रविवार को कमिश्नर के आदेश पर प्रशासन ने तत्कालीन एसएलओ जेपी सिंह और तहसीलदार एत्मादपुर कुमार संजय सहित आठ दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाना हरीपर्वत में तहरीर दे दी।
मामले में कार्रवाई के लिए किसान नेता श्याम सिंह चाहर 26 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। स्वास्थ्य खराब होने पर उनको जिला अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है। उधर सदर तहसील में किसानों का 26 दिन से धरना चल रहा है। भूख हड़ताल खत्म कराने के लिए कई दिनों से प्रशासनिक अधिकारी कवायद में जुटे थे। कमिश्नर अमित गुप्ता ने मामले में हस्तक्षेप किया। रविवार को उन्होंने एफआईआर कराने के आदेश दिए। आदेश की प्रति लेकर अपर आयुक्त प्रशासन साहब सिंह और एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत जिला अस्पताल पहुंचे। भूख हड़ताल खत्म करने की मांग की।
श्याम सिंह का कहना है कि सोमवार को जब मेरे हाथ में एफआईआर की कॉपी आ जाएगी, तब भूख हड़ताल खत्म करूंगा। एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि एसएलओ विभाग की तरफ से एफआईआर दर्ज कराने के लिए हरीपर्वत थाना में तहरीर दी गई है।
18 दोषियों पर कसा शिकंजा
इनर रिंग रोड मामले में एडीए के आठ, प्रशासन के आठ और यूपीएसआईडीसी के दो अधिकारी व कर्मचारियों पर शिकंजा कस गया है। 18 अधिकारी व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति डीएम व एडीए वीसी ने शासन को भेजी है।
ऐसे हुआ था घोटाला
- दूर की जमीन को सड़क किनारे दिखाकर मुआवजा बांटा।
- तय सर्किल रेट से मुआवजा में छेड़छाड़ की गई।
- मुआवजा व भू-अधिग्रहण प्रक्रिया में धारा 4/6 का उल्लंघन हुआ।
- प्रशासनिक कर्मियों ने किसानों से कोरे करार पत्रों पर हस्ताक्षर कराए।
आगरा: 20 दिन से भूख हड़ताल कर रहे किसान नेता, दो बार बिगड़ चुकी है तबीयत, फिर भी मांगों पर डटे