आगरा। इनर रिंग रोड व लैंड पार्सल के लिए जमीन खरीद में फंसे प्रशासनिक अधिकारियों ने सर्किल रेट से लेकर मुआवजा वितरण में फर्जीवाड़ा किया। अंदर की जमीनों को सड़क की बताकर मुआवजा बांटा। सरकारी सर्किल रेट भी नजरअंदाज किए। किसानों से कोरे करार पत्रों पर हस्ताक्षर कराए। ये आरोप जिला प्रशासन की जांच में तत्कालीन जिला भूमि अध्यप्ति अधिकारी जेपी सिंह पर सिद्ध हो रहे हैं।
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि तत्कालीन एसएलओ जेपी सिंह सहित छह अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। नोटिस के संबंध में स्पष्टीकरण प्राप्त हो चुके हैं। प्रथम दृष्टया पांच आरोप सिद्ध हुए हैं। जिनके विरुद्ध आरोपत्र तैयार हुआ है उनमें एत्मादपुर तहसील के चार लेखपाल, दो सदर तहसील के लेखपाल, दो यूपीएसआईडीसी के अमीन सहित 10 लोग हैं। इन पर शासन स्तर से कार्रवाई होगी। वहीं एडीए ने आठ अमीनों को दोषी मानते हुए आरोप पत्र दाखिल किए हैं।
21वें दिन भी भूख हड़ताल जारी
जिला अस्पताल में भर्ती किसान नेता श्याम सिंह चाहर की 21वें दिन भी भूख हड़ताल जारी रही। डीएम ने मंगलवार को सदर तहसील में 21 दिन से धरना दे रहे किसानों को वार्ता के लिए कलक्ट्रेट बुलाया और कार्रवाई की स्थिति से अवगत कराया। श्याम सिंह चाहर की भूख हड़ताल खत्म कराने के लिए अपर नगर मजिस्ट्रेट को जिला अस्पताल भेजा, लेकिन उन्होंने अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया। किसान नेता का कहना है कि दोषियों के विरुद्ध पहले एफआईआर दर्ज कराई जाए। डीएम प्रभु एन सिंह का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई होगी। एफआईआर दर्ज नहीं कराई जा सकती। डीएम से मुलाकात करने वालों में सोमवीर यादव, राकेश सोलंकी आदि मौजूद रहे।