आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की ओपीडी में खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। डॉ. नीरज यादव ने बताया कि वार्ड में भर्ती 25 फीसदी से अधिक बच्चे निमोनिया से पीड़ित हैं।
उत्तर प्रदेश के आगरा में एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की ओपीडी में खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित बच्चे सबसे ज्यादा पहुंच रहे हैं। वार्ड में भर्ती 25 फीसदी से अधिक बच्चे निमोनिया से पीड़ित हैं। इसको लेकर परिजनों में काफी चिंता है।
जुकाम, खांसी व बुखार के मरीज बढ़े
एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने बताया कि वार्ड में करीब 80 बच्चे भर्ती हैं। 20 से अधिक में निमोनिया की समस्या है। जुकाम, खांसी व बुखार की समस्याओं का देर से इलाज या अपने मन से दवाएं देना भारी पड़ रहा है।
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बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। उनकी सलाह है कि बच्चों को इस समय भीड़भाड़ वाली जगहों पर ले जाने से बचें। घर में किसी को समस्या है तो वह मास्क लगाकर रखें, खुद को आइसोलेट कर लें। जिससे बच्चे प्रभावित न हों। बच्चों को निश्चित अंतराल पर हैंडवॉश करने की आदत डालें।
एसएन की ओपीडी में पहुंचे 2082 मरीज
एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मंगलवार को 2082 मरीजों ने दिखाया। इसमें से 1622 मरीज नए और 460 पुराने रहे। मेडिसिन विभाग में सर्वाधिक 476 मरीजों ने दिखाया। यहां भी खांसी, जुकाम व बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही। हड्डी रोग विभाग में 230, क्षय व वक्ष रोग विभाग में 202, त्वचा रोग विभाग में 190, बाल रोग विभाग में 132 मरीजों ने दिखाया।
दोनों बाल रोग विशेषज्ञ संक्रमित
जिला अस्पताल में मंगलवार को बच्चों को एमबीबीएस डॉक्टरों ने देखा। दो बाल रोग विशेषज्ञ हैं, दोनों कोरोना संक्रमित हैं। वह होम आइसोलेशन में हैं। बाल रोग की ओपीडी में दिखाने वाले मरीज न लौटें, इसलिए एमबीबीएस डॉक्टरों को लगाया गया। जिला अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. अनीता शर्मा ने बताया कि मंगलवार को ओपीडी में करीब 1500 नए और पुराने मरीजों ने दिखाया। अवकाश होने से मरीज अपेक्षाकृत कम पहुंचे।