आयकर विभाग ने दिवाली से ऐन पहले शुक्रवार को दो फर्मों प्रमुख जूता निर्यातक रोजर एक्सपोर्ट और मुंशी पन्ना मसाले पर आयकर सर्वे किया गया। भारी पुलिसबल के साथ 40 आयकर अधिकारियों ने दोनों कंपनियों के पांच प्रतिष्ठानों पर यह कार्यवाही की। देर रात तक दोनों समूहों में कागजात और कंप्यूटरों की जांच की जाती रही। आयकर विभाग के मुताबिक, दोनों ही कंपनियों से करोड़ों रुपये का टैक्स मिलने की उम्मीद है।
अफसरों ने जूता निर्यातक कुलबीर सिंह की कंपनी रोजर इंडस्ट्रीज की अरतौनी और सिकंदरा यूपीएसआईडीसी स्थित यूरोसेफ्टी पर दोपहर में कार्यवाही शुरू की। वहीं विष्णु कुमार गोयल की फर्म मुंशी पन्ना मसाले की यमुनापार पीलाखार स्थित फैक्ट्री, रावतपाड़ा और सुभाष नगर में सर्वे किया। प्रमुख आयकर आयुक्त अनुराधा मिश्रा के निर्देशन में संयुक्त आयकर आयुक्त रेंज-4 वेलू सिन्हा की अगुवाई में अफसरों ने दोनों कंपनियों पर कार्यवाही की।
न के बराबर जमा हो रहा था टैक्स
आयकर सूत्रों के मुताबिक, मुंशी पन्ना मसालों का हर दिन का कारोबार लाखों रुपये में है। रावतपाड़ा स्थित फर्म और यमुनापार फैक्ट्री से होने वाली बिक्री बहुत ज्यादा है, जबकि टैक्स न के बराबर दिया गया था। वहीं, यूरोप, अमेरिका, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका और आस्ट्रेलिया के बाजारों में छाई रोजर इंडस्ट्रीज का कारोबार जितना बढ़ा, उतना एडवांस टैक्स जमा नहीं किया गया था।
अलीगढ़ कांड के चक्कर में अटके थे सर्वे
अलीगढ़ में सराफा कारोबारियों द्वारा आगरा के आयकर अधिकारियों के साथ की गई मारपीट के चलते दो महीने से सर्वे और सर्च की कार्यवाही रुकी हुई थीं। सराफा कारोबारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद ही अधिकारियों ने चार दिन पहले अपना बहिष्कार वापस लिया है।
सराफा कारोबारियों के छूटे पसीने
सोना सस्ता होने के कारण दीपावली पर ज्वैलरी शोरूम पर ग्राहक लौटने लगे हैं। इस रौनक के बीच सराफा कारोबारियों को आयकर अधिकारियों की चिंता है कि कहीं वह ग्राहकों के रूप में प्रतिष्ठान पर न आ जाएं। पूर्व में आयकर छापे की आशंका पर सराफा कारोबारी दो बार बाजार में अघोषित बंद कर चुके हैं। छापे के डर से तब व्यापारियों ने ताले ही नहीं खोले थे।