नौहझील (मथुरा)। थाना नौहझील क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर सोमवार को अज्ञात वाहन की टक्कर से ट्रक चालक व क्लीनर की मौत हो गई। हादसा सुबह तकरीबन 5:45 बजे हुआ।
ट्रक चालक मुरसलीम (28) निवासी बरसाना अपने साथी क्लीनर शारिक (23) निवासी भरतपुर के साथ ट्रक लेकर आगरा से नोएडा की ओर जा रहे थे। रास्ते में माइल स्टोन 65 पर गांव कोलाना के निकट ट्रक पंचर हो गया। चालक और क्लीनर ट्रक को खड़ा कर ट्रक का पहिया बदल रहे थे। तभी पीछे से किसी वाहन ने ट्रक में टक्कर मार दी। हादसे के वक्त चालक मुरसलीम और क्लीनर शारिक ट्रक के नीचे ही थे। टक्कर लगते ही दोनों ट्रक के नीचे दब गए। कुछ ही देर में दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। प्रभारी निरीक्षक सूरज प्रकाश शर्मा ने बताया कि मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
पहली जनवरी से जुलाई तक 200 से भी ज्यादा की मौत हुई
मथुरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर कभी झपकी तो कभी तेज रफ्तार हादसों की वजह बन रही है। पहली जनवरी से जुलाई तक 200 से भी ज्यादा की मौत हो चुकी है। जबकि सैकड़ों घायल हो गए। यहा हादसे बलदेव, मांट, नौहझील और सुरीर थाना क्षेत्र में हुए हैं।
आगरा और नोएडा के बीच 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे पर लगातार हादसे हो रहे हैं। कोई दिन ही ऐसा बीत रहा होगा जब कहीं एक्सीडेंट न होता हो। सभी हादसों की वजह तेज रफ्तार है। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार का मानक भले ही 100 किलोमीटर प्रतिघंटा है लेकिन वाहनों को 160 से भी ऊपर दौड़ाया जा रहा है। एक्सप्रेसवे अथारिटी के मुताबिक 1 जनवरी से 30 जून 2019 के बीच एक्सप्रेसवे पर 284 सड़क हादसे हुए। साल 2018 में यमुना एक्सप्रेसवे पर 659 सड़क हादसे हुए जिनमें 110 लोगों की मौत हुई और 1315 लोग घायल हुए। मई, जून और जुलाई में यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। एक्सप्रेसवे अथारिटी के कोआर्डिनेटर मेजर मनीष का कहना है कि अधिकांश हादसों की वजह तेज रफ्तार और झपकी है।