श्री पारस अस्पताल में दमघोंटू मॉकड्रिल प्रकरण की जांच आईएमए की समिति ने पूरी कर ली है। मरीज-तीमारदारों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर जांच समिति के संयोजक रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
आईएमए जांच समिति ने श्री पारस अस्पताल के डॉ. अरिन्जय जैन की ओर से उपलब्ध कराई 91 मरीज और उनके परिजनों से बातकर रिकार्डिंग की। इनमें मृतकों के परिजनों से बातचीत और अन्य मरीजों के परिजनों से बातचीत की अलग-अलग रिपोर्ट बनाई जा रही है। लिखित रिपोर्ट समिति के संयोजक डॉ. सुधीर धाकरे बना रहे हैं। समिति के सदस्य आमने-सामने बैठकर रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करते हुए आईएमए अध्यक्ष को सौंप देंगे।
आईएमए की समिति की जांच में यह रही मुख्य बातें:
- 26 अप्रैल को अस्पताल में 10 की मौत। दो मरीजों ने घर में दम तोड़ा, एक की यहां से रेफर के बाद निजी अस्पताल में मौत हुई।
- 91 मरीज और तीमारदारों ने 26 अप्रैल को ऑक्सीजन की भारी कमी बताई। अफरा-तफरी मची हुई थी। शाम तक अंतराल में शव निकाले गए।
- 53 मरीजों के परिजनों ने बताया कि अस्पताल स्टाफ ने ऑक्सीजन खत्म होने की बात कही, खुद ही ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर आए।
- 10:30 बजे अस्पताल के सीसी टीवी कैमरे बंद कर दिए, तकनीकी वजह बताई। आइसोलेशन वार्ड में क्या हुआ, कुछ नहीं पता चल सका।
- ऑक्सीजन की कमी से मरीज बाहर निकाले जा रहे थे। फिर भी नए मरीज भर्ती किए जा रहे थे, जबकि उन मरीजों को भी ऑक्सीजन की जरूरत थी।
अध्यक्ष को सौंपी जाएंगी रिपोर्ट
- मरीजों से बातचीत की रिपोर्ट और साक्ष्य जांच समिति के संयोजक को सौंप दिए हैं। इसकी अंतिम रिपोर्ट तैयार की जा रही है। एक बार फिर फिजिकल बैठक कर चर्चा करने के बाद रिपोर्ट अध्यक्ष को सौंप देंगे। - डॉ. मुनीश्वर गुप्ता, वरिष्ठ सदस्य जांच समिति
अंतिम रिपोर्ट मिलना बाकी
पुलिस-प्रशासन के सम्मान समारोह के कारण जांच समिति की बैठक नहीं हो पाई, लेकिन जांच लगभग पूरी हो चुकी है। अंतिम रिपोर्ट मिलनी बाकी है, इसके बाद जांच सार्वजनिक कर दी जाएगी। - डॉ. अनूप दीक्षित, सचिव आईएमए
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