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श्री पारस अस्पताल प्रकरण: आईएमए जांच समिति की वैठक में मिली जानकारी, 26 अप्रैल को भर्ती थे दूसरे जिलों के 45 मरीज

Fri, 09 Jul 2021 12:46 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

समिति के एक सदस्य ने बताया कि अस्पताल में एटा, इटावा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, हाथरस के सबसे ज्यादा मरीज थे। इनकी संख्या करीब 40-45 है।
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श्री पारस अस्पताल प्रकरण पर बैठक करते आईएमए के चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्री पारस अस्पताल में 26 अप्रैल को भर्ती बताए गए 91 मरीजों में आधे से ज्यादा दूसरे जिलों के थे। इनमें सभी को कोरोना वायरस के लक्षण थे, लेकिन अधिकांश की आरटीपीसीआर जांच नहीं कराई गई। आईएमए की जांच समिति की पूछताछ में यह जानकारी मिली है। 

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समिति के एक सदस्य ने बताया कि अस्पताल में एटा, इटावा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, हाथरस के सबसे ज्यादा मरीज थे। इनकी संख्या करीब 40-45 है। इनसे पूछताछ में पाया कि मरीज को सांस लेने में परेशानी हो रही थी और मरीज ऑक्सीजन पर थे। 26 अप्रैल को ऑक्सीजन की कमी बताते हुए अस्पताल स्टाफ ने अपने स्तर से ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था करने को भी कहा था। ऐसे में अफरा-तफरी सी मच गई और सिलिंडर का इंतजाम करने के लिए इधर-उधर जतन करने लगे और कई मरीजों के परिजन खुद ही सिलिंडर लेकर आए। 

शनिवार तक तैयार हो जाएगी रिपोर्ट
आईएमए की जांच समिति ने अभी तक 55 मरीज और उनके परिजनों से बात की है। शनिवार को वर्किंग कमेटी की बैठक होगी, जिसमें जांच समिति अब तक की रिपोर्ट को साझा करेगी। इसके बाद जांच की आगे की रूपरेखा तय कर जांच को अंतिम रूप देकर आईएमए अध्यक्ष को सौंप दी जाएगी।
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कमीशन पर दूसरे जिलों से मरीजों को किया जाता है भर्ती
जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशू शर्मा ने बताया कि श्री पारस अस्पताल में मैनपुरी, एटा, इटावा से मरीजों को भेजा जाता है। वहां के झोलाछाप कमीशन पर मरीजों को यहां भर्ती कराते हैं। इसके एवज में उनको तय कमीशन मिलता है। शहर के किसी भी अस्पताल में दूसरे जिलों के इतने मरीज नहीं हैं, जितने श्री पारस अस्पताल में भर्ती थे। यह खेल अस्पताल शुरू होने से ही चल रहा है। 

झोलाछाप-एंबुलेंस और एजेंट का रैकेट
सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने बताया कि दमघोंटू मॉकड्रिल में पीड़ित और मृतकों से बात करने पर पता चला कि यहां अधिकांश मरीज एटा, इटावा, मैनपुरी क्षेत्र के थे। इनके परिजनों से पूछताछ में बताया कि इनको क्षेत्र के झोलाछाप, डग्गामार एंबुलेंस और एजेंट ने सस्ता इलाज और परिचित का अस्पताल बताकर भेजते थे। इनका तय कमीशन भी मिलता था। अप्रैल-मई में भर्ती सभी मरीजों की फाइल जांची जाए तो अधिकांश बाहर के जिलों के मरीज ही मिलेंगे। 

रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई
मामले की गहराई से समिति के सदस्य जांच कर रहे हैं। एक-दो दिन में लगभग सभी मरीजों से बात हो जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।  - डॉ. राजीव उपाध्याय, अध्यक्ष आईएमए 

कल रखी जाएगी रिपोर्ट
सभी बिंदुओं पर साक्ष्यों के आधार पर समिति जांच कर रही है। शनिवार को वर्किंग कमेटी में रिपोर्ट रखी जाएगी, जांच के और बिंदुओं पर भी चर्चा की जाएगी। - डॉ. मुनीश्वर गुप्ता, सदस्य जांच समिति
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श्री पारस अस्पताल प्रकरण: 'साहब... 26 अप्रैल को कुछ तो हुआ था, अफरातफरी मची थी'
 

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