शबाना खंडेलवाल ने कहा कि उनके पति बीमार थे फिर भी कोरोना की वैक्सीन लगाई गई, उनके पास पति का एक पत्र है, जिसे 12 अप्रैल को लिखा था। उन्होंने पत्र में बुखार आने की बात लिखी थी। अब सवाल उठता है कि बुखार आ रहा था तो उन्हें 16 अप्रैल को कोरोना वैक्सीन क्यों लगाई गई।
आगरा के खंदारी स्थित निर्भय नगर निवासी कांग्रेस नेता शबाना खंडेलवाल ने जेल में निरुद्ध पति रवि खंडेलवाल की कोरोना से मौत के मामले में जेल के अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं। पत्रकार वार्ता कर कहा कि पति एक केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। वह जिला कारागार में निरुद्ध थे। तब पति ने कई बार कहा था कि उन्हें परेशान किया जा रहा है।
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मानसिक और शारीरिक पीड़ा दी जा रही है। मगर, इसकी शिकायत नहीं की। पति का एक पत्र है, जिसे 12 अप्रैल को लिखा था। उन्होंने पत्र में बुखार आने की बात लिखी थी। अब सवाल उठता है कि बुखार आ रहा था तो उन्हें 16 अप्रैल को कोरोना वैक्सीन क्यों लगाई गई। इसका प्रमाण पत्र भी है। इसके बाद भी पति को बुखार आता रहा। वो कोरोना पॉजिटिव हो गए। वजन भी कम हो गया। इसके बावजूद ठीक होने की बात कही गई। पति से 26 अप्रैल को पीसीओ के माध्यम से बात की थी।
तब वह काफी बीमार थे। 27 अप्रैल को उनके बेहोश होने पर जेल से खबर आई। जेल प्रशासन ने पति को एसएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा। इसके बाद लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। एंबुलेंस में आक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। 14 मई को संक्रमण बढ़ने की वजह से उनकी मौत हो गई। शबाना खंडेलवाल ने जेल प्रशासन के अधिकारियों की गैर जिम्मेदाराना हरकत के कारण पति की मौत का आरोप लगाया। कार्रवाई की मांग की है।