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श्री पारस अस्पताल दमघोंटू मॉकड्रिल: आईएमए जांच समिति को 26 मरीजों के और मिले फोन नंबर,जानी जाएगी हकीकत

Fri, 02 Jul 2021 09:31 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

डॉ. संजय चतुर्वेदी ने डॉ. अरिन्जय जैन से बात कर 26 और मरीजों के फोन नंबर उपलब्ध कराए हैं। इनसे शुक्रवार से एक-एक मरीज से बात कर रिपोर्ट बनेगी। इनसे ऑक्सीजन की किल्लत समेत दस प्रश्न कर हकीकत जानी जाएगी। 
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श्री पारस अस्पताल प्रकरण पर बैठक करते आईएमए के चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में श्री पारस अस्पताल के संचालक डॉ. अरिन्जय जैन ने जांच समिति को 26 और मरीजों के फोन नंबर उपलब्ध कराए हैं। समिति के पास अब कुल 45 मरीजों की नंबर मिल चुके हैं। शुक्रवार से इनसे बात करना शुरू होगा। डॉक्टरर्स डे के कारण गुरुवार को जांच समिति की बैठक नहीं हुई है।

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जांच समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ. मुनीश्वर गुप्ता ने बताया कि 26 अप्रैल को 91 मरीज भर्ती होने की जानकारी दी थी, इसमें ये 19 के फोन नंबर ही थे। गुरुवार को डॉ. संजय चतुर्वेदी ने डॉ. अरिन्जय जैन से बात कर 26 और मरीजों के फोन नंबर उपलब्ध कराए हैं। इनसे शुक्रवार से एक-एक मरीज से बात कर रिपोर्ट बनेगी। इनसे ऑक्सीजन की किल्लत समेत दस प्रश्न कर हकीकत जानी जाएगी। 

जानकारी मिलनी शुरू
मरीजों की जानकारी मिलनी शुरू हो गई है, अब जांच अंतिम मुकाम तक पहुंचेगी। किसी का भी दोष साबित होगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की भी संस्तुति की जाएगी।  - डॉ. सुधीर धाकरे, संयोजक जांच समिति

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श्री पारस अस्पताल प्रकरण: सामाजिक कार्यकर्ता शबी हैदर जाफरी, मोहन अग्रवाल और सत्यवीर चौधरी (बायें से दायें क्रमश:) - फोटो : अमर उजाला
23 दिन में 22 की छंटनी... तीन तथ्य और सच दूर
आठ जून को वायरल मॉकड्रिल के वीडियो में डॉ. अरिन्जय ने 22 मरीजों की छंटनी की बात कही थी। उन पर 22 मरीजों की मौत के आरोप लगे। प्रशासन ने तक 26 और 27 को सात लोगों की मौत की बत कही थी। प्रशासनिक जांच में उन दो दिनों में मृतकों की संख्या 16 निकली। बुधवार को आईएमए जांच कमेटी ने 26 अप्रैल को 10 लोगों की मौत को सदस्यों के सामने रखा है।

प्रशासन की जांच में दो दिन में सात मरीजों की मौत
प्रशासन ने 26 और 27 अप्रैल को सात मरीजों की मौत बताई। जबकि वायरल वीडियो में पांच मिनट ऑक्सीजन बंद कर दी और 96 में से 22 मरीज छंट गए, नीले पड़ गए बात कही गई। 

16 मृतकों के परिजन आए सामने, दर्ज कराए बयान
26 और 27 अप्रैल को अस्पताल में 16 मृतकों के परिजन ने प्रशासन के यहां बयान दर्ज कराए, इससे प्रशासन की जांच संदेह में आ गई। इसके बाद भी प्रशासन ने उनके बयानों को नजरअंदाज कर दिया। 
 
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आईएमए को दी एक दिन में 10 की मौत की जानकारी
आईएमए की जांच समिति को डॉ. अरिन्जय जैन की ओर से दी गई 91 मरीजों की सूची में 26 अप्रैल को 10 मौत दर्शाई गई हैं। 27 अप्रैल का रिकार्ड अभी उपलब्ध नहीं कराया है। ऐसे में प्रशासन की क्लीन चिट पर फिर सवाल खड़े हुए।

मरीजों की मौत की सच्चाई दबाई गई
श्री पारस अस्पताल में 22 मरीजों की मौत की सच्चाई दबाई गई। प्रशासन ने 16 मृतकों के परिजनों के बयानों को भी दरकिनार कर अस्पताल प्रशासन को क्लीन चिट दे दी। इससे प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध है। - नरेश पारस, सामाजिक कार्यकर्ता

एसआईटी जांच के लिए जाएंगे कोर्ट
आईएमए को एक दिन में 10 मरीजों के रिकॉर्ड दिए गया, ऐसे में श्री पारस अस्पताल प्रकरण की सच्चाई तभी सामने आएगी, जब इसकी एसआईटी गठित कर जांच कराई जाए। इसके लिए वह कोर्ट की शरण लेंगे। - शबी हैदर जाफरी, सामाजिक कार्यकर्ता 

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