इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की जांच समिति ने 26 अप्रैल को अस्पताल में 10 मरीजों की मौत मानते हुए रिपोर्ट तैयार कर रही है। समिति श्री पारस अस्पताल में दमघोंटू मॉकड्रिल की सच्चाई पता नहीं कर पाई। समिति का तर्क है कि प्रशासन से मरीजों की बीएचटी, सीसीटीवी फुटेज मिलते तो इसकी हकीकत सामने आती।
आईएमए की जांच समिति के सदस्यों ने बताया कि डॉ. अरिन्जय जैन की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची के 91 मरीजों और उनके परिजनों से बात की। 10 मरीजों के परिजनों ने मृत्यु प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए हैं, जिसमें मौत का स्थान श्री पारस अस्पताल दर्ज है। बाकी के रामबाग के एक मरीज ने 26 को ही अस्पताल में मौत होने की कही लेकिन उसका अस्पताल स्टाफ ने मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बनाया। इसके चलते उसकी मौत अस्पताल में नहीं मानी है। सभी 10 मृतकों के नाम, पते और मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ संलग्न कर रिपोर्ट बनाई जा रही है।
समिति के सदस्यों का कहना है कि 26 अप्रैल को दमघोंटू मॉकड्रिल की सच्चाई तभी सामने आ पाती, जब प्रशासन 26 और 27 अप्रैल की सीसीटीवी फुटेज और कंप्यूटर डाटा से मरीजों की बीएचटी (बेड हेड टिकट) उपलब्ध कराती। इससे 96 और 91 मरीजों में कौन सी संख्या सही है, यह भी पता चल जाता। लेकिन प्रशासन ने इनमें से कोई भी साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया। ऐसे में मौजूदा साक्ष्यों पर ही रिपोर्ट बनाई जा रही है।
मृतकों के परिजनों ने कहा, शाम से रात तक निकलते रहे शव
आईएमए की जांच समिति को मृतकों के परिजनों ने 26 अप्रैल की सुबह 10:30 बजे सीसीटीवी बंद करने और शाम तक अफरा-तफरी की बात बताई। यहां तक कि शाम से मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंपे जाने लगे। मालवीय कुंज निवासी गीता ग्रोवर ने बताया कि उनकी ननद मीरा ग्रोवर की 26 अप्रैल को अस्पताल में ही मौत हुई। सीसीटीवी कैमरे बंद होने के बाद शाम तक अफरा-तफरी रही, शाम के बाद एक-एक करके शव बाहर जाते हुए देखे।
मौजूदा साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट
10 मृतकों के अलावा हेल्पलाइन नंबर देने पर भी कोई तीमारदार सामने नहीं आया, जिसने कहा हो कि 26 अप्रैल को श्रीपारस हॉस्पिटल में उनके मरीज की मौत हुई। ऐसे में मौजूदा साक्ष्यों के आधार पर ही रिपोर्ट बनाई जा रही है। -डॉ. मुनीश्वर गुप्ता, वरिष्ठ सदस्य, जांच समिति
91 मरीजों से बातचीत कर बनाई
उपलब्ध 91 मरीजों से बातचीत के आधार पर ही आईएमए की जांच रिपोर्ट तैयार हो रही है। सीसीटीवी फुटेज, मरीजों की बीएचटी मिलने पर और गहराई से जांच हो सकती थी। रिपोर्ट जल्द पूरा होने के बाद सार्वजनिक की जाएगी। -डॉ. राजीव उपाध्याय, अध्यक्ष आईएमए
-आईएमए की जांच में मिले मृतक
कार्तिकेय लवानिया, वैभव नगर
मीना ग्रोवर, मालवीय कुंज
प्रकाशवती, शिकोहाबाद
वासुदेव चावला, जीवनी मंडी
शशि सिंह, सिकंदरा
मुन्नी देवी, दहतौरा
रामवती, मधु नगर
रामवरन, शिकोहाबाद
आशा शर्मा, खंदारी
सनोज कुमार, मैनपुरी
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