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UP: बच्चा जेल में चल रहा अवैध वसूली का 'खेल'...किशोरों तक पहुंच रहा नशा, हुआ बड़ा खुलासा

Wed, 20 Nov 2024 01:09 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के बाल संरक्षण गृह में अवैध वसूली का खेल चल रहा है। यही वजह है जिसके चलते संगीन अपराधों के निरुद्ध किशोरों तक नशा पहुंच रहा है। इतना ही नहीं इन्हें मोबाइल भी आसानी से मिल रहे हैं। 
 
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बाल अपचारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के बाल संरक्षण गृह (बच्चा जेल) की पोल एक वायरल वीडियो से खुल गई। यहां अवैध वसूली का ‘खेल’ चल रहा था। शराब, सिगरेट से लेकर मोबाइल व खान-पान की सुविधाएं उपलब्ध कराने के बदले स्टाफ वसूली कर रहा था। इस मामले में केयर टेकर प्रताप भान, प्रशिक्षक जगदंबा गौतम को निलंबित किया जा चुका है। पर्यवेक्षक व गेट ड्यूटी पर तैनात स्टाफ पर भी कार्रवाई हो सकती है।
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लखनऊ से आई डिप्टी चीफ प्रोबेजन आफिसर (सीपीओ) श्रुति शुक्ला ने मंगलवार को सिरौली स्थित राजकीय किशोर संप्रेक्षण गृह में कर्मचारी व निरुद्ध किशोरों के बयान दर्ज किए। बाल गृह की डीवीआर भी जब्त कर ली गई है। उन्होंने बताया कि गोपनीय जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है। वायरल वीडियो 24 अक्तूबर को इंस्टाग्राम पर निरुद्ध किशोरों ने अपलोड किया था। जिन किशोरों ने यह अपलोड किया उन पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप है।

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डीपीओ से मांगी रिपोर्ट
वीडियो मामले में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने डीपीओ अजय पाल से रिपोर्ट मांगी। डीपीओ की रिपोर्ट में पता चला था कि किशोरों से मिलने आने वाले परिजन का सामान अंदर ले जाते हैं, जिसे जांचने की जिम्मेदारी गेट पर तैनात स्टाफ की होती है। अवैध वसूली के संकेत मिले हैं। लापरवाही सामने आने के बाद डीपीओ ने केयर टेकर प्रताप भान और प्रशिक्षक जगदंबा गौतम का निलंबित किया है।

 

पर्यवेक्षक ने ही कराया भांडाफोड़
इस मामले की विस्तृत जांच मुख्यालय स्तर से होगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार अवैध वसूली की शिकायतें मिलने पर ही करीब 20 दिन पहले तत्कालीन पर्यवेक्षक आरपी सिंह को यहां से हटाया गया था। उन्हें फिरोजाबाद में तैनात किया गया। आरोप है कि पर्यवेक्षक ने ही वीडियो वायरल कराए।

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जजों से लेकर डीएम तक ने किया निरीक्षण
राजकीय किशोर संप्रेक्षण गृह का हर माह त्रिस्तरीय निरीक्षण होता था। वीडियो वायरल होने से दो सप्ताह पहले ही डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बाल गृह का निरीक्षण किया था। इसके अलावा हर माह जिला जज के नेतृत्व में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, किशोर कल्याण बोर्ड व प्रोबेशन विभाग के निरीक्षण होते रहे हैं। किसी निरीक्षण में इस तरह की बात सामने नहीं आई थी।
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