सेंट्रल ब्यूरो नारकोटिक्स (एसबीएन) बरेली की टीम ने ऑटो से जब्त की दवाओं के 4 नमूने लैब भेज दिए हैं। टीम अभी आगरा में डेरा डाले है। नारकोटिक्स दवाओं की कालाबाजारी में 4 और लोग रडार पर आए हैं। यमुनापार में गोदाम होने की आशंका पर भी जांच चल रही है।
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि एसबीएन की टीम ने शनिवार को नुनिहाई में ऑटो में नारकोटिक्स दवाएं लेकर जा रहे हॉकर गौरव अग्रवाल को पकड़ा था। करीब 30 लाख रुपये के सिरप-इंजेक्शन पकड़े गए थे। टीम ने हॉकर गौरव अग्रवाल को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। दवा निर्माता कंपनियों को भी नोटिस भेजा जा रहा है, जिससे उनसे भी इसकी रिपोर्ट मांगी जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद एसबीएन की टीम आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में वृद्धि कर देगी।
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यमुनापार में गोदाम की तलाश
थाना एत्माउद्दौला प्रभारी ने बताया कि एसबीएन की टीम अब भी आगरा में मौजूद है। हॉकर से पूछताछ के बाद चार लोग रडार पर आए हैं। यमुनापार क्षेत्र में दो गोदाम होने की भी जानकारी मिली है। टीम इनकी तलाश कर रही है। हॉकर बेलनगंज निवासी गौरव अग्रवाल ने फव्वारा स्थित टेनिस फार्मा में काम करने की जानकारी दी थी। इसका संचालक कमल नगर निवासी गोविंद अग्रवाल बताया है। इसकी दुकान बंद मिली है। घर पर छापे के वक्त संचालक नहीं मिला है। इसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
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पार्सल-ऑनलाइन से तस्करी
थाना प्रभारी ने बताया कि नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं की कालाबाजारी नशे के लिए की जा रही है। इसको ऑनलाइन और पार्सल के जरिये कई राज्यों में भेजने की आशंका है। एसबीएन की टीम ने नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं की तस्करी का खेल बरेली में भी पकड़ा है। इसके इनपुट पर टीम आगरा में जांच करने आई है। अभी इसके बड़े रैकेट होने की आशंका है। जांच चल रही है।