उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में खलल डालने के लिए अवैध हथियार खरीदने वाले पुलिस के रडार पर हैं। डाैकी में पकड़ी गई हथियार फैक्टरी के आरोपियों से पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली हैं। जिन लोगों ने हथियार खरीदे हैं, उनके नामों के बारे में पता चला है। वहीं आरोपियों की काल डिटेल भी खंगाली जा रही है। इससे अन्य लोगों के बारे में पता चल सकता है। पुलिस सत्यापन के बाद कार्रवाई की जाएगी।
डाैकी में बाबा मुंशीदास के आश्रम के पास खंडहर मकान में 6 महीने पहले अवैध हथियारों की फैक्टरी खोली गई थी। इसमें 8 हजार में तमंचा और 15 हजार रुपये में राइफल तैयार कर बेची जा रही थीं। पुलिस ने रेकी करने के बाद दबिश दी थी। इसके बाद तीन आरोपी सचिन, सियाराम और रघुवीर को पकड़ लिया था। रघुवीर ने बताया कि कई लोग फोन पर संपर्क करते थे। रेट तय होने के बाद वो हथियारों को आर्डर पर बनाकर दे दिया करता था। पंचायत चुनाव में अवैध हथियारों की मांग बढ़ने के बारे में बताया था। वह 200 से अधिक हथियारों की बिक्री कर चुका है।
डीसीपी पूर्वी जोन अली अब्बास ने बताया कि संचालक ने कई लोगों के नाम और मोबाइल नंबर के बारे में बताया है। इनमें फतेहाबाद, पिनाहट, बाह, बसई अरेला सहित अन्य इलाके के लोग हैं। वहीं राजस्थान और मध्य प्रदेश के भी कई लोग संपर्क में थे। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल में कई मोबाइल नंबर की जानकारी मिली है। यह काैन हैं और कहां के रहने वाले हैं? इसके बारे में पता किया जा रहा है। अवैध हथियारों की खरीद की पुष्टि होने पर पुलिस गिरफ्तारी करेगी। इसके लिए अलग से टीम को लगाया गया है।