इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथिक फिजिशियंस (आईआईएचएफ) की ओर से रविवार को होटल अमर में अंतरराज्यीय होम्योपैथिक कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। आईआईएचएफ के आगरा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि होम्योपैथी रोग नहीं, बल्कि रोगी को ठीक करती है। रोगियों के लक्षण को देखकर इलाज किया जाता है। होम्योपैथी में 4500 से अधिक दवाएं हैं।
चिकित्सा पद्धति को और मजबूत बनाने की जरूरत
कांफ्रेंस का उद्घाटन उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को महिलाओं और बच्चों से संबंधित बीमारियों पर शोध करके इस चिकित्सा पद्धति को और मजबूत बनाने की जरूरत है। लुधियाना होम्योपैथिक कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. मुक्तेंदर सिंह ने बच्चों के इलाज में होम्योपैथिक दवाओं के प्रभाव पर चर्चा की। शाखा के सचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा सहित विभिन्न स्थानों से आए विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। कोषाध्यक्ष डॉ. एच. पाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में डॉ. हरेंद्र सिंह तोमर, डॉ. बीपी सिंह जादौन आदि उपस्थित रहे।