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Agra News: दर्द को नजर अंदाज करना खिलाड़ियों को पड़ सकता है भारी

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इंडियन आर्थ्रोस्कोपी सोसाइटी की अध्यक्षीय
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आगरा। खेल के मैदान में जीत का जुनून कई बार खिलाड़ियों को अपने शरीर के दर्द और संकेतों को नजरअंदाज करने पर मजबूर कर देता है, यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर लिगामेंट इंजरी और लंबे कॅरिअर संकट का कारण बन सकती है। खिलाड़ियों और कोचों को इसी खतरे के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अवधपुरी स्थित निजी स्कूल में खेल चोट रोकथाम जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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इंडियन आर्थ्रोस्कोपी सोसाइटी की अध्यक्षीय थीम जॉइंट प्रिजर्वेशन रिपेयर, रिकंस्ट्रक्ट एंड रीजेनेरेट के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में शहर के विभिन्न खेलों से जुड़े करीब डेढ़ सौ खिलाड़ियों और दस कोचों ने भाग लिया। खिलाड़ियों ने विशेषज्ञों से लिगामेंट इंजरी, बार-बार होने वाली मांसपेशियों की चोट, सही वार्म-अप, फिटनेस और रिकवरी टाइम से जुड़े सवाल पूछे।
कार्यक्रम के संयोजक एवं खेल चोट विशेषज्ञ डॉ. रजत कपूर ने कहा कि अधिकांश खिलाड़ी शुरुआती दर्द और शरीर के संकेतों को अनदेखा कर देते हैं, जिससे छोटी चोटें आगे चलकर गंभीर लिगामेंट इंजरी में बदल जाती हैं। बताया कि सही तकनीक, संतुलित प्रशिक्षण और नियमित फिटनेस मॉनिटरिंग से बड़ी चोटों से काफी हद तक बचा जा सकता है। फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सिद्धार्थ प्रधान ने कहा कि चोट लगने के तुरंत बाद मैदान पर लौटने की जल्दबाजी खिलाड़ी के भविष्य और कॅरिअर दोनों को प्रभावित कर सकती है। एनआईएस पटियाला, पंजाब के प्रशिक्षक एवं परीक्षक रविंदर कपिल ने आधुनिक खेल विज्ञान के आधार पर प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी खेलों में केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि फिटनेस, बॉडी बैलेंस और रिकवरी मैनेजमेंट भी महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में खिलाड़ियों को सही वार्म-अप तकनीक, बॉडी मूवमेंट और इंजरी प्रिवेंशन एक्सरसाइज भी सिखाई गईं। डॉ. एसआर सुंदरराजन और डॉ. राजीव रमण का मार्गदर्शन प्राप्त रहा।
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वर्कशॉप में हुआ कल्पना लोधी का जिक्र

आगरा। खिलाड़ियों की चोटों और उनके उपचार के संबंध में आयोजित जागरूकता वर्कशॉप के दौरान मंच से अमर उजाला का नाम गूंजा। उत्तर प्रदेश आर्थोपेडिक सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष एवं शहर के वरिष्ठ आर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. अशोक विज ने अमर उजाला में प्रकाशित कल्पना लोधी की खबर का जिक्र किया। डॉ. विज ने कहा कि शमसाबाद क्षेत्र की खिलाड़ी कल्पना लोधी की समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया। वर्कशॉप में मौजूद खिलाड़ियों और कोचों ने भी खेल चोटों, फिटनेस और रिकवरी को लेकर विशेषज्ञों से सवाल पूछे। डॉक्टरों ने खिलाड़ियों को गलत ट्रेनिंग, ओवरलोड और लापरवाही से होने वाली चोटों के प्रति जागरूक किया। संवाद
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